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पत्थर को भी तरते देखा

हमने सूरज को यहाँ डूब के मरते देखा और जुगनू से अंधेरों को सँवरते देखा तूने जिस बात पे मुस्कान के पर्दे डाले हमने उसको तेरी आँखों में उतरते देखा एक लमहे में तेरे साथ कई रुत गुज़रीं तेरे जाने पे मगर वक़्त ठहरते देखा लोग कहते हैं बस इक शख़्स मरा है लेकिन क्या किसी ने वहाँ...

पवनपुत्रियों की लंकायात्रा

कहते हैं इतिहास स्वयं को दोहराता है, लेकिन पिछले दिनों विद्वानों की इस चिर-परिचित सूक्ति को ताक पर रखकर, आध्यात्म ने स्वयं को दोहरा दिया। आध्यात्म की इस उद्दण्डता पर सारा साहित्य-जगत सकते में है। हुआ यूं कि जम्बूद्वीपे भारतखण्डे दिल्लीनाम्निनगरे पीएमहाउसे (वाल्मिकी...

दशहरा

दुष्टों का संहार कर, संतों पर कर गर्व यही सीख सिखला रहा, हमें दशहरा पर्व ✍️ चिराग़ जैन

भाग्यवाद

यहाँ प्रारब्ध का लेखा सिकन्दर तक ने भोगा है पड़ोसी की ख़ताओं को समन्दर तक ने भोगा है बहुत चाहा बचाना राम ने रावण को मरने से मग़र जो लिख गया वो तो कलन्दर तक ने भोगा है ✍️ चिराग़...
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