बल के घमण्ड में नियम किये खण्ड-खण्ड, यही बल यश की कुदाल सिद्ध हो गया जिसको समझकर तुच्छ पूँछ फूँक दी थी, वह भी भयानक कराल सिद्ध हो गया जिसने भी टोका उसे घर से निकाल दिया, यही आचरण विकराल सिद्ध हो गया जिसको दशानन समझता था शक्तिहीन, वह वनवासी महाकाल सिद्ध हो गया ✍️...
नित्य सजाती रही अंगना, प्रभु राम के दर्श की आस में शबरी आस की ऐसी निशंक तपस्या से दर्ज हुई इतिहास में शबरी सीता वियोग से व्याकुल थे, तब घुल गयी राम की प्यास में शबरी राम को भक्ति का स्वाद चखा गयी बेर की जूठी मिठास में शबरी ✍️ चिराग़...
नंदलला, कन्हैया, कान्हा, गिरिधर, मुरलीधर, गोपाल, मोहन, गोविन्द, मधुसूदन, केशव, रणछोड़, माधव, श्याम, वासुदेव, पीताम्बर… और भी दर्जनों संज्ञाएँ मिलकर थोड़ी-थोड़ी झलक भर दे पाती हैं एक कृष्ण की। और ये सब संज्ञाएँ कृष्ण के नाम भर नहीं हैं, अपितु ये सब नाम कृष्ण के जीवन...