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भाजपा आ गई

एक समय था जब मीडिया वाले भी सच बोलते थे सरकारी घोषणाओं की कलई खोलते थे फिर हर तरफ बस एक ही तस्वीर छा गई क्योंकि देश में भाजपा आ गई विश्वास करो भाईसाहब पैट्रोल पंप पर सिर्फ़ ईंधन का व्यापार होता था फिर आ गई भाजपा अब वहाँ भी साहिब का प्रचार होता था ईडी और सीबीआई...

सिस्टम और हम

सिस्टम की आपसे केवल इतनी अपेक्षा है कि आप सिस्टम से कोई अपेक्षा न करें। जब कोविड से जूझना हो तो डॉक्टर को सिस्टम का सहयोग करना चाहिए। उस समय, न उसे अपने ड्यूटी ऑवर्स की चिंता करनी चाहिए, न अपनी जान की! ऐसा करते हुए उनकी जान चली जाये तो उनका जीवन सार्थक होगा। सिस्टम की...

मध्यम वर्ग की पीड़ा

तुम लड़ते रहे चुनाव, ओ साब मेरी थाली खाली है रही है मुझसे टैक्स वसूला जाए, उन्हें चढ़ावा जाए मैं देकर भी झिड़की खाऊँ, वो खाकर गुर्राए वो मुझे दिखावें ताव, ओ साब मेरी जेब मवाली है रही है मध्यम वर्ग बनाकर मुझको, दोनों ओर निचोड़ा इन्हें दान दो, उन्हें मान दो, नहीं कहीं...

चीख और ठहाका

चुनाव आचार संहिता के अनुसार वोटिंग से कुछ घंटे पूर्व चुनाव क्षेत्र में चुनाव प्रचार पर रोक लग जाती है। यह नियम दशकों से यथावत है। इधर परिस्थितियाँ बदल गईं। तकनीक बदल गई। अब ठीक वोटिंग के समय टेलीविजन पर चुनावी रैली का प्रसारण होता है। लेकिन इससे चुनाव आचार संहिता का...

जनता की भूमिका

हमारे समाज की सबसे प्रभावी पाठशाला है सिनेमा। सिनेमा ने भारतीय समाज का निर्माण किया है। और समाज ही नहीं; सामाजिक चलन, प्रवृत्ति और यहाँ तक कि मानसिकता का भी निर्माण सिनेमा ने ही किया है। हमने सिनेमा से सीखा है कि आम जनता कीड़े-मकौड़े की तरह है, जिसकी न कोई इज़्ज़त है,...
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