Chirag Jain Writings, Diary, Ek Adad Kirdar, Prose
अपने हर चरित्र में जो मनोवैज्ञानिक इंजीनियरिंग की वो कमाल थी। चाचा चौधरी का दिमाग़ बड़ा बनाया और होंठ मूछ में छुपा दिए। साबू का शरीर बड़ा बनाया। पिंकी, बिल्लू, चाची इन सबके आकार में एक प्रकार था। साबू जैसे चरित्र की कल्पना कार्टून जगत् में एलियन का प्रादुर्भाव था। संभवतः यह चरित्र भारतीय बच्चों का एलियंस से पहला परिचय है।
कैरिकेचर की दुनिया में वे एक नयी धारा के संयोजक थे। काल्पनिक चरित्रों को उन्होंने सूरत दी, पहचान दी। और खुद की पहचान को केवल एक साधारण से हस्ताक्षर तक सीमित करलिया।
बचपन के कनवास पर कौतूहल मिश्रित हास्य के बीज बोने वाले प्राण महान थे।
विनम्र श्रद्धांजलि
✍️ चिराग़ जैन
Blank Verse, Chirag Jain Writings, Poetry, Unpublished
अबे 2012!
तेरे जैसा साल न आए दोबारा।
तूने तो पूरा देश ही निपटा मारा
सबसे पहले तो छीना
कुश्ती का सितारा
एक्टिंग का किंग
यानि दारा सिंह
अभी दारा की याद को भूले भी नहीं थे अख़बार
तब तक हमें अलविदा कह गए राजेश खन्ना
यानि पहले सुपरस्टार
फिर लगते रहे एक के बाद एक घाव
मुम्बई में विलासराव
उसके बाद ए के हंगल
फिर बेस्ट डायरेक्टर यश अंकल
मन करता था बीच में ही कर दें तुझसे कट्टी
तब तक रोड एक्सिडेंट में मारे गए
कॉमेडी किंग जसपाल भट्टी
फिर तेरी भेंट चढ़ा बाल ठाकरे जैसा लाल
फिर इंद्र कुमार गुजराल
तू साले साल था, या काल
दिसम्बर में भी तूने छोड़ा नहीं अपना गुर
छीन लिए पंडित रविशंकर
ग़ायब हो गए सितारों से सुर
इतने पर भी भरा नहीं तेरा कोष
दिल्ली में वहशियों की भेंट चढ़ गई
एक तेईस साल की निर्दोष
इसके अलावा भी
कुछ अच्छा नहीं रहा तेरा बीहेव
तूने ही लील लिए संघ के सुदर्शन
और आस्था के जय गुरुदेव
जो तुझसे बचे
उनकी भी हालत अच्छी नहीं है भाई
राम ही जाने कैसे होगी इसकी भरपाई
सचिन ने वन डे में जाना छोड़ दिया
लता मंगेशकर ने गाना छोड़ दिया
रतन टाटा ने कमाना छोड़ दिया
अन्ना ने आवाज़ उठाना छोड़ दिया
और सातवें सिलैण्डर ने रसोई में आना छोड़ दिया
वाह रे काले कालखण्ड
इतिहास निर्धारित करेगा तेरा दण्ड
अच्छा हुआ तू बीत गया
तुझे अंदाज़ा नहीं है
कि तेरे रहते कितना कुछ रीत गया
काश ऐसा साल
फिर कभी जीवन में न आए
जाते-जाते तू हमसे ले ले
फाइनल गुड बाय!
✍️ चिराग़ जैन