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होली

सबके जीवन में भरें पावनता के रंग ऐसी रंगत लाए अब, होरी अपने संग अब ऐसे मनने लगा, होली का त्यौहार चेहरे स्याह-सफेद हैं, रंगे हुए अख़बार भूले से भी मत करो, पॉवर का मिस-यूज़ भस्म हो गई होलिका, उड़ा पाप का फ्यूज़ ✍️ चिराग़...

कामना

प्रेम, शांति और सौम्यता, सबका हो विस्तार सबके जीवन में भरे, प्यार, प्यार और प्यार ✍️ चिराग़ जैन

सब कुछ तेरे पास है

अपने भीतर झाँक ले, अपना हृदय टटोल सब कुछ तेरे पास है, अपनी आँखें खोल ✍️ चिराग़ जैन

ग्लोबल वार्मिंग

मेघों का जल घट रहा, सूरज उगले आग धरती धू-धू जल रही, मानव अब तो जाग तप्त धरा, बादल विफल, गया संतुलन डोल रे मानव अब तो संभल, अब तो ऑंखें खोल मानव अब क्यों हो गया, आखिर बिल्कुल मौन तूने ही छलनी करी, दिव्य परत ओज़ोन तितली, धुरवा, बीजुरी, पाला, सावन, कूप धीरे-धीरे धर रहे,...

एक जिल्द में बांध दो

एक संग आकर कहें, कातिक औ’ रमज़ान एक जिल्द में बांध दो, गीता और कुरान ✍️ चिराग़ जैन

माँ

माँ मैं तुझको क्या लिखूँ, सब तुझसे साकार जब-जब तू आशीष दे, तब-तब हो त्योहार ✍️ चिराग़ जैन
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