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साहित्य और समाधान

अपराध करने जा रहे व्यक्ति को सबसे ज़्यादा डर अपने-आपसे लगता है। यही कारण है कि चोर, हत्यारे, जेबकतरे, झूठे, षड्यंत्रकारी, मिलावटखोर, रिश्वतखोर, बलात्कारी और अन्य प्रकार के अपराधी अपराध करने के लिए एकांत तलाशते हैं। यह एकांत अन्य किसी से नहीं, बल्कि स्वयं से चाहिए होता...

शांति बनाम उन्माद

जो शांति का उपाय खोजने के लिए अन्तिम प्रयास तक जूझता रहे, उसे शांतिदूत कहा जाता है। जब दोनों ही पक्ष ख़ून-ख़राबे के उन्माद में हों तथा किसी तरह शांति का उपाय न सूझ रहा हो, उस समय भी शांति का उपाय खोजना ऐसा ही है, ज्यों सींग भिड़ाए खड़े दो बिजारों को लड़ने से रोकना हो। इस...

सत्यम्-शिवम्-सुन्दरम् की अनुगूंज : पशुपतिनाथ मन्दिर

शिव, जहाँ जीवन और मृत्यु दोनों के लिए समभाव है। शिव, जहाँ मनुष्य, पशु, भूत, गण, स्त्री, पुरुष, देव, दैत्य, सुर, असुर, सृजन, ध्वंस… सब कुछ स्वीकार है। जहाँ कुछ हेय नहीं है। जहाँ किसी नकार के लिए कोई स्थान नहीं है। जहाँ सब स्वीकृत हैं। जो सबके हैं। जहाँ मानव तन पर...

डिब्रूगढ़ की पहली यात्रा

दिल्ली से उड़कर डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड किया तो जहाज की खिड़कियों पर पानी की बून्दों ने चित्रकारी कर दी थी। बाहर झाँकने पर एहसास हुआ कि यहाँ दिल्ली जैसी गर्मी का नामो-निशान नहीं है, बल्कि बादलों की मेहरबानी से मौसम गुलाबी नमी से महक उठा है। हवाई अड्डे से बाहर निकलने...

सनातन धर्म और सहिष्णुता

सनातन संस्कृति की सबसे ख़ूबसूरत बात यही है कि यहाँ भक्त और भगवान के मध्य जो बातचीत होती है, वह केवल भक्तिरस तक ही सीमित नहीं है। बल्कि उसमें काव्य के अन्य सभी रसों की सृष्टि सम्भव है। विश्व के अन्य किसी धर्म में यह चमत्कार सम्भव नहीं है। किसी अन्य धर्म के आराध्य की...

एक सुबह पतझड़ की…

मौसम बदल रहा है। जो हरापन पेड़ की शाखा से नीचे नहीं उतरता था, वह सूखकर ज़मीन पर आ गिरा है। मुसाफ़िरों के पैरों तले कुचलकर चूरा हुए जाते इस युग को रोज़ सवेरे एक झाड़ू से सकेरकर ढेर घोषित कर दिया जाता है। हवा का कोई झोंका इन्हें छेड़ देता है तो इनसे सरगम नहीं फूटती, बल्कि...
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