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ऐसी-तैसी हो गयी

तुमने कैसी फसल लगाई, सत्ता कैसी हो गयी पूरे लोकतंत्र की भाई, ऐसी तैसी हो गयी बीजेपी ने जीएसटी का खेल खिलाया ऐसा बाज़ारों की लुटिया डूबी, बगलें झाँके पैसा ये जीएसटी तुमसे पाई, ऐसी तैसी हो गयी जिस ईवीएम के घपले को कोस रहे कांग्रेसी अब उसके नुक़सान उठाओ, इसमें लज्जा कैसी...

किसान आंदोलन

सड़कों पे आया रे किसान, देखे संसद को पलकों पे आँसू के निशान, देखे संसद को अपनी सियासत तुम ही संभालो पैरों में चुभा बस काँटा निकालो रूठ गए हैं जो, उनको मना लो इनसे न बनो अनजान, देखे संसद को अपनों से अपनों की कैसी लड़ाई जनता है छोटी, तुम हो बड़ भाई उनकी अड़ाई, तुम्हारी कड़ाई...

धरना दिया किसानों ने

दिल्ली के द्वारे आकर जब धरना दिया किसानों ने करवट तो बदली ही होगी, सरजी के अरमानों ने भीड़ जुटी तो आँखों में फुलझड़ियां छूट रही होंगी हाथों में खुजली, मन में झुरझुरियाँ फूट रही होंगी अपनापन-सा दिखता होगा लाठी छाप निशानों में करवट तो बदली ही होगी, सरजी के अरमानों ने दिल...

धरना पुरुष

सर जी से कह दो देश में धरने का मौसम धरने का मौसम आ गया जंतर-मंतर पे शोरगुल करने का मौसम करने का मौसम आ गया सड़कों पे बहारें आई है फिर बिल की बदली छाई है धरनों के चरणों में तुमने दिल्ली की सियासत पाई है पीएम की कुर्सी बाँह में भरने का मौसम भरने का मौसम आ गया हे रायते के...

मेरो आज सकूटर बिक जायगौ

मेरो काट दयो चालान, हाय राम मेरो आज सकूटर बिक जायगौ मेरी सूख रही है जान, भगवान मेरो आज सकूटर बिक जायगौ इत कू सिगनल झपकी देवै, उतै पुलिसिया घूरै जेब सहम कर हाथ पकड़ ले, अण्टी झूला झूलै मेरो भटक गयो है ध्यान, भगवान मेरो आज सकूटर बिक जायगौ जहाँ नैक गीयर बदलें वां बैरीगेट...

दल बदलू का कार्यकर्ता

कल तक जो थे दोस्त, कहा अब उनको दुश्मन मान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनको गाली दी थी जुमला छाप जुगाली की थी अब कहते हो गाली छोड़ करें उनका गुणगान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनके कपड़े फाड़े हमने जिनके टैंट उखाड़े अब तुम ख़ुद ही बैठ गये हो उनका तम्बू तान हम पुतले हैं या...
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