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कृष्ण का तो चक्र भी ‘सुदर्शन’ है

नंदलला, कन्हैया, कान्हा, गिरिधर, मुरलीधर, गोपाल, मोहन, गोविन्द, मधुसूदन, केशव, रणछोड़, माधव, श्याम, वासुदेव, पीताम्बर… और भी दर्जनों संज्ञाएँ मिलकर थोड़ी-थोड़ी झलक भर दे पाती हैं एक कृष्ण की। और ये सब संज्ञाएँ कृष्ण के नाम भर नहीं हैं, अपितु ये सब नाम कृष्ण के जीवन...

अस्तित्व का मूल्य

हाँ, जगत् में एक कण के अंश-सा अस्तित्व हूँ मैं पर मेरा व्यक्तित्व इस कण की चमक दुगुनी करेगा हाँ, समय में एक क्षण के अंश-सा अस्तित्व हूँ मैं पर मेरा व्यक्तित्व इस क्षण की दमक दुगुनी करेगा साँस है बस दास प्राणों की किसी आह्लाद के बिन हर इमारत ताश का घर है महज; बुनियाद...
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