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कविता बुन लेता हूँ

शोर-शराबे में भी दिल की धड़कन सुन लेता हूँ यूँ कविता बुन लेता हूँ इस दुनिया के छोटे-छोटे हिस्से घूम रहे हैं लोग नहीं हैं, दो पैरों पर किस्से घूम रहे हैं होंठों पर मुस्कान दिखी, मस्तक ग़मगीन दिखे हैं हर चेहरे को पढ़कर देखो, कितने सीन लिखे हैं इस सारी सामग्री में से मोती...

अनवरत साधना

कवि-सम्मेलन करते हुए दो दशक बीत गये, इन दो दशकों में जिन लोगों को पूंजी की तरह कमाया, उनमें से एक नाम है श्री अमीरचन्द जी का। यह नाम मेरे जीवन में एक ऐसा अध्याय है, जिससे मैंने समर्पित होकर अनवरत साधनारत रहना सीखा। क्रोध तथा मान-अपमान के चिन्तन से विलग रहते हुए अनवरत...

हरिया और आमबाग़

किसी गाँव में आम का एक पुराना बाग़ था। बाग़ में आम के सैंकड़ों पेड़ थे। लेकिन बाग़ पर किसी की कोई मिल्कियत नहीं थी। जब आम की ऋतु आती थी तो इन पेड़ों पर ख़ूब आम लगते। गाँव के शरारती लड़के, आम से लदी डालियों को बेरहमी से नोच डालते। जिसका एक पिता नहीं होता, उसकी सफलता पर उसके...

चौर्यप्रवृत्ति

आज पुनः अनुरोध कर रहा हूँ कि किसी रचनाकार की रचना अथवा उसकी रचना का कोई अंश सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय रचनाकार का नाम अवश्य लिखें। ऐसा न करने की स्थिति में निम्नलिखित स्थितियां उत्पन्न होती हैं : 1) रचना अनाथ हो जाती है, और लोग उसे सोशल मीडिया की रचना कहने लगते...

भयभीत मोड के जीव

मोबाइल फोन की तरह मन भी अलग-अलग परिस्थिति में अलग-अलग मोड पर सैट हो जाता है। सम्भवतः मनोविज्ञान में इसी को मूड कहा जाता हो। कभी हम बहुत ख़ुश होते हैं, मतलब हम हैप्पी मोड में हैं। ऐसे ही सैड मोड, कन्फ्यूज़्ड मोड और एंग्री मोड भी हम सबके भीतर ऑन-ऑफ होते रहते हैं। यह सहज...
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