मृत्यु!
उस पल जब चीख़ बन गई थी
एक नन्हीं किलकारी
जब दहल उठा था सारा ब्रह्मांड
जब दरक गई थी धरती
उस पल केवल तुम आई थीं
उसकी छटपटाहट को आलिंगन में भरकर दुलारने
तुम दूर ले गईं उसे बर्बर वहशी की पहुँच से! …
तुमने उसे मारा नहीं; बचा लिया है मृत्यु!
✍️ चिराग़ जैन