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रावण

यदि अब राम की शरण में चला गया; तो मुझे मेरे भीतर का पाप मार डालेगा एकमात्र सधवा बचेगी मेरी पत्नी तो शेष विधवाओं का विलाप मार डालेगा जिनसे सुशोभित थी रावण की राजसभा उन रिक्त आसनों का शाप मार डालेगा मृत्यु जो करेगी वह जग को दिखायी देगा जीवन तो मुझे चुपचाप मार डालेगा जिस...

हर सम्भव के साधन हैं

सपनों की आँखें पथराईं हिम्मत की पाँखें कुम्हलाईं संघर्षों की तेज पवन ने प्राणों की शाखें दहलाईं इन सारे झंझावातों से लोहा लिया ज़मीर ने अमृत सोख लिया रावण का राघव के इक तीर ने राजतिलक की शुभ वेला में राघव को वनवास मिला स्वर्ण जड़ित आभूषण उतरे, जंगल का संत्रास मिला...

खालीपन

जिस दरपन ने तुम्हें निहारा, उस दरपन का खालीपन और सघन कर देता है इस अंतर्मन का खालीपन कल तक आंगन में उनके आने की कोई आस तो थी अब तो भुतहा सा लगता है इस आंगन का खालीपन सारा कुछ खोकर भी जाने किसे जीतने निकला हूँ शायद मुझमें घर कर बैठा है रावन का खालीपन मेरा सब कुछ लेकर...

दशहरा

दुष्टों का संहार कर, संतों पर कर गर्व यही सीख सिखला रहा, हमें दशहरा पर्व ✍️ चिराग़ जैन

कुछ तो होगी बात

रावण के व्यक्तित्व में, कुछ तो होगी बात जिसे मारने जन्म लें, तीन लोक के नाथ ✍️ चिराग़ जैन
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