Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Free Verse, Poetry
जिन्दगी
एक खूबसूरत लड़की है
इसकी प्रशंसा करोगे
तो ये चहक उठेगी।
इसे एकटक निहारोगे
तो इसके मुखड़ा सज उठेगा
हया के रंग से।
इसे अनदेखा करोगे
तो ये उदास हो जाएगी।
इसे कोसोगे
तो चुपके से
दूर चली जाएगी तुमसे।
बहुत प्यारी है रे जिन्दगी
इसे चहकने दो,
इससे मुस्कुरा कर मिलो
कभी कचमचा कर
चूम लोगे इसे
तो झूम उठेगी
इसकी चिरौरी करो
इसे चिकौटी काट लो
…लेकिन कोसना मत इसे कभी
कुम्हला जाएगी बेचारी।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Geet, Poetry, Unpublished Geet
प्यार ने लांघ दीं वक़्त की सरहदें
और सारे नियम देखते रह गए
इश्क़ हम पर ठहाके लगाता रहा
हम मुहब्बत के ग़म देखते रह गए
लोक-परलोक की धारणा से परे
शबरियों की प्रतीक्षा अटल ही रही
लोग कहते हैं राधा वियोगिन बनी
कृष्ण से पूछिये वो सफल ही रही
प्रेम से मृत्यु का भय पराजित हुआ
स्तब्ध से मौन यम देखते रह गए
एक कच्चे घड़े पर भरोसा किए
सोहनी तेज़ धारा में ग़ुम हो गई
कैस दर-दर भटकता रहा उम्र भर
और लैला सहारा में ग़ुम हो गई
रूह का आसमां में मिलन हो गया
जिस्म धरती पे हम देखते रह गए
कोई तो इस ज़माने को समझाइये
क़ायदे बावरों को सिखाता रहा
जो दीवाने हुए प्रेम के पान से
उनको विष के पियाले पिलाता रहा
प्रेम विषपान करके अमर हो गया
सारे ज़ुल्मो-सितम देखते रह गए
✍️ चिराग़ जैन
Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Free Verse, Poetry
पहाड़ की
घुमावदार पगडंडी पर
स्कूल जा रही हैं लड़कियाँ।
…मतलब
बचपन में हमें ग़लत पढ़ाया गया था
कि रौशनी
सीधी रेखा में ‘ही’ यात्रा करती है।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
प्रेम-कथा के अंत में दो में से एक ही चीज़ प्रेमी के पास जीवन भर को रह जाती है- प्रेमिका या प्रेम।
✍️ चिराग़ जैन
Blank Verse, Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Poetry
कभी तो उम्मीद जी उठेगी
कहीं तो मंज़र हसीं रहेगा
कोई तो ऐसा भी वक़्त होगा
कि जिसको हम पे यकीं रहेगा
कुछेक लम्हों की बात सुनकर
दुआ का दामन न छोड़ देना
किसी चुभन की कसक से चिढ़कर
हसीन गुंचे न तोड़ देना
सुबह के माथे का ये पसीना
सबा को छूकर महक उठेगा
किसी तबस्सुम की बाँह थामे
मलाल यकदम चहक उठेगा
नसीब बदलेगा गर्दिशों का
यहीं हज़ारों कँवल खिलेंगे
इन्हीं उदासी भरे दिनों से
कभी मुहब्बत के पल मिलेंगे
सवाल बदलेंगे ज़िन्दगी के
जवाब अपने यही रहेंगे
हम आज भी सौ टका खरे हैं
हम उस घड़ी भी सही रहेंगे
ज़ेहन में जो भी उठे तमन्ना
उसे कहीं दिल में डाल लेना
नसीब जिस दिन गले लगा ले
हरेक हसरत निकाल लेना
✍️ चिराग़ जैन