Chirag Jain Writings, Ghanakshari, Lapete Mein Netaji, Poetry
कांग्रेसवाले कैसे-कैसे पीस ले के आए
कटपीस हो के चिन्दी-चिन्दी पे फँसा दिया
कभी तो किसी ने आलू-सोने से बिगाड़ा खेल
कभी नारियल, कभी भिंडी पे फँसा दिया
कभी चायवाला कहा और कप धोने पड़े
निंदा पे फँसाया कभी निंदी पे फँसा दिया
पहले ही बोलती थी बन्द कांग्रेसियों की
और अब वाइको ने हिंदी पे फँसा दिया
✍️ चिराग़ जैन
Blank Verse, Chirag Jain Writings, Lapete Mein Netaji, Poetry
वोटों की गिनती भी शुरू नहीं हुई
और एमपी में कमलनाथ को
मुख्यमंत्री बनने की बधाइयां छप गईं
पूरी कांग्रेस पार्टी
इन्हीं हरकतों की वजह से खप गई
अब अगर चुनाव का परिणाम पलट गया
तो उन्हीं बधाइयों के तेल में
हार के पकौड़े तले जाएंगे।
उधर कांग्रेस के स्वघोषित मुख्यमंत्री
राज्यपाल के सामने खीझे थे
क्योंकि जिनके दम पर वे सरकार बनाने चले गए थे
वो तो एग्जिट पोल के नतीजे थे।
पहले कुशवाहा ने साथ छोड़ा
फिर ऊर्जित पटेल ने बम फोड़ा
इससे पहले की सरकार का संतुलन बिगड़ता
लंदन ने सरकार के हाथ में थमा दिया भगौड़ा
एक ही दिन में कितना कुछ घटित हो गया
दिल्ली में सारा विपक्ष संगठित हो गया
एक ही दिन की घटनाओं ने
पूरी राजनीति के सिंहासन हिला डाले हैं
लगता है देश के अच्छे दिन आने वाले हैं
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Ghanakshari, Lapete Mein Netaji, Poetry
बार-बार हारने के बाद भी आखिरकार
राहुल जी जीतने लगे हैं हर चाल में
उन्नीस में थोड़ा देख-भालकर फेंकियेगा
खुद ही न फँस जाओ जुमलों के जाल में
कांग्रेसियों को भी संभलकर चलना है
डूबने न लग जाओ, अगले उछाल में
गाय, गधे, घोड़े छोड़कर अब यह सोचो
ऊँट किस करवट बैठे नए साल में
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Lapete Mein Netaji, Prose, Story
दृश्य 1
एंकर : आप जीएसटी बिल पर कांग्रेस से क्या अपेक्षा करते हैं।
भाजपाई : कांग्रेस देशहित के लिए इस बिल का समर्थन करे।
कांग्रेसी : लेकिन 2013 में तो इसी बिल का भाजपा ने विरोध किया था।
भाजपाई : बीती ताहि बिसार के आगे की सुधि ले।
दृश्य 2
एंकर : आपकी सरकार कश्मीर समस्या का कोई समाधान क्यों नहीं निकाल पा रही?
भाजपाई : कश्मीर समस्या नेहरू जी की ग़लती का परिणाम है।
एंकर : आप आतंकवाद से नहीं निपट पा रहे हैं।
भाजपाई : आतंकवाद इंदिरा गांधी की देन है।
एंकर : भ्रष्टाचार और काला धन आपके नियंत्रण में नहीं आ रहा।
भाजपाई : कांग्रेस के साठ साल के शासन में भ्रष्टाचार व्याप्त हुआ है।
कांग्रेसी : लेकिन आप तो कहते हैं कि बीती ताहि बिसार के आगे की सुधि ले।
भाजपाई : नहीं रे, हर जगह एक सी कविता नहीं चलती रे।
एंकर : तो यहाँ के लिए कौन सी कविता है?
भाजपाई : लम्हों ने ख़ता की थी, सदियों ने सज़ा पाई।
✍️ चिराग़ जैन
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राहुल गांधी ने मम्मी से पूछा है- “मम्मी मम्मी! बीजेपी ‘मार्च फॉर इण्डिया’ कर रही है तो आप ‘अप्रैल फॉर इटली’ क्यों नहीं करती?”
मम्मी माथा ठोकते हुए बोली- “मार्च-अप्रैल का तो पता नहीं पर तू एक दिन ‘श्राद्ध फॉर कांग्रेस’ ज़रूर करेगा।”
✍️ चिराग़ जैन