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वर्तमान गवाह है…

जिन्होंने यह कहना शुरू किया कि इस्लाम ख़तरे में है, उन्हीं के नुमाइंदों ने अफगानिस्तान पर जबरन कब्ज़ा कर लिया। यूएनओ में स्थायी सदस्यता की डींगें हाँकनेवाले देशों के लिए यह शर्मिंदगी भरी लानत है। सबसे उम्दा हथियार बनानेवाले देशों के लिए यह डूब मरने की बात है।...

विद्वेष और कविता

कविता मुहब्बत की ज़ुबान है। किसी भी परिस्थिति में घृणा के उद्वेग बोने का काम कविता नहीं कर सकती। कविता बलिदान का शौर्यगायन कर सकती है, किन्तु किसी को ‘किसी भी परिस्थिति में’ बलि लेने के लिए उकसा नहीं सकती। किसी भी वाद या विचार से दूर मनुष्यता को सर्वाेपरि रखना कवि होने...

आपदा-प्रबंधन

संकट हो कोई समक्ष खड़ा या फिर घिर आए युद्ध बड़ा जीवन की हर कठिनाई से मानव का पुत्र सदैव लड़ा मानवता का इक दिव्य भाव, अंतस् में धारण कर लेंगे आपदा अगर कोई आई, मिल-जुल के निवारण कर लेंगे सागर ने लांघी मर्यादा सूनामी यम का रूप बनी भूकम्पों की मनमानी से जब धरा मृत्यु का कूप...

कामना

प्रेम, शांति और सौम्यता, सबका हो विस्तार सबके जीवन में भरे, प्यार, प्यार और प्यार ✍️ चिराग़ जैन

परिवर्तन

जब से हम करने लगे बात-बात में जंग तब से फीके पड़ गए त्यौहारों के रंग धुआँ-धुआँ सा रह गया दीपों का त्यौहार शोर-शराबा बन गया होली का हुड़दंग ✍️ चिराग़...
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