+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

मुहब्बत के पैगम्बरों के लिए सुकून

ख़ुद को ख़ुदा के बन्दे और जेहादी कहने वाले खूंखारों ने ख़ुदा की इबादत और ख़ुदा से मुहब्बत का पैग़ाम देने वाली एक बेहतरीन आवाज़ को ख़ामोश कर दिया। रूह से उठने वाला वो अलाप जो सुनने वालों को सीधे रूहानियत के गलियारों तक लिए जाता था, वो अलाप स्वयंभू जेहादियों पर एक धिक्कार के साथ हमेशा के लिए बंद हो गया।
दहशतगर्दी की दुनिया रूहानियत को नहीं समझ सकती, क्योंकि रूहानियत का तअल्लुक़ रूह से होता है। ईश्वर, अल्लाह, ख़ुदा या जो भी कोई पारलौकिक सत्ता इस सृष्टि के पीछे है; उसके कोप की इस समय आवश्यकता है। अब इस दुनिया को समझना होगा कि संसार में सिर्फ दो ही तरीके के लोग हैं- 1) दहशतगर्द और 2) इंसान।
दहशतगर्दी के खिलाफ इंसानियत को एक होकर लड़ना होगा; तभी मुहब्बत के पैगम्बरों के लिए सुकून मुहैया हो सकेगा।

✍️ चिराग़ जैन

Ref : Death of Amjad Farid Sabri

स्वराज पर्व

बधाई हो!
दिल्ली सरकार का ‘स्वराज पर्व’ रद्द हो गया। मतलब यह कि केन्द्र सरकार स्वतंत्रता दिवस मनाएगी, और सारी सरकारें भी स्वतंत्रता दिवस मनाएंगी, लेकिन दिल्ली सरकार स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाएगी। अख़बार में आया है।
पहली बार पता चला है कि स्वतंत्रता दिवस भी सबका अलग-अलग है। सुना है कि दिल्ली पुलिस ने “दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस” पर सुरक्षा मुहैया करने से इनक़ार कर दिया है, कारण यह कि वह केन्द्र सरकार के स्वतंत्रता दिवस को सुरक्षित रखने में व्यस्त रहेगी।
दिल्ली सरकार के मंत्री ने और भी आगे की बात कही है। उनका बयान आया है कि मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए स्वराज पर्व रद्द किया गया है। ये बात तार्किक लगती है। दरअस्ल 15 अगस्त इस बार पहली बार 15 अगस्त के दिन पड़ रहा है। यह भी पहली बार है कि अगस्त के महीने में बरसात हो रही है। लेकिन केन्द्र सरकार के मौसम विभाग को ऐसी बातों की कोई परवाह नहीं है। वह जानता है कि बादल और वर्षा दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर लालक़िले की प्राचीर तक आ भी गए तो माननीय प्रधानमंत्री जी उन दोनों को अपनी लच्छेदार भाषा और रोचक शैली में उलझा लेंगे और बरसने का मौक़ा ही नहीं देंगे। लेकिन दिल्ली सरकार के आयोजनों में ऐसी क्षमता का सर्वथा अभाव है।
दशकों से चले आ रहे “स्वतंत्रता दिवस कवि-सम्मेलन” को भी इसी रद्दीकरण की टोकरी में पटक दिया गया है। इत्तिफ़ाक़न अगले वर्ष गणतंत्र दिवस कवि-सम्मेलन भी गणतंत्र दिवस के ही अवसर पर आयोजित होना है। उस समय भी पुलिस केन्द्र सरकार के गणतंत्र दिवस की सुरक्षा में व्यस्त रहेगी और नेहरू जी के समय से चला आ रहा गणतंत्र दिवस कवि सम्मेलन “दिल्ली सरकार के गणतंत्र दिवस” का हिस्सा होने की वजह से रद्द कर दिया जायेगा। उस समय दिल्ली सरकार के मंत्री भयंकर ठंड का पूर्वानुमान देखते हुए ऐसा निर्णय ले लेंगे।
मोदी जी की किताब का लोकार्पण बारिश से प्रभावित नहीं हुआ; बिहार की चुनावी सभाओं पर मौसम ने कोई कुठाराघात नहीं किया; संसद के बाहर प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस को सुरक्षा मुहैया कराने में दिल्ली पुलिस को कोई कष्ट नहीं हुआ। लेकिन दिल्ली की जनता को आज़ादी का पर्व मनाने के लिये संकट खड़ा हो गया।
आतंक की इस देश में यह पहली जीत है। अब तक धमाकों के बावजूद हमने आतंकियों की दहशत को कोई प्रमाण-पत्र नहीं दिया था। इस बार विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी “केजरीवाल बनाम जंग” की जंग में आतंकियों की आड़ में छिपकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के पौरुष की शहादत पर तीन दिन का मौन रखेगी और “दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस” को विफल करने की ख़ुशी में नज़ीब जंग आतंकवाद को शौर्य पुरस्कार से नवाज़ेंगे।

✍️ चिराग़ जैन

पिक्चर अभी बाक़ी है मेरे दोस्त

प्रशांतभूषण (अजीत)- “केजरी डर्लिंग, सारा शहर मुझे ऑनेस्ट के नाम से जानता है। अगर सारे स्टिंग हासिल करना चाहते हो, तो मेरी कुछ शर्तें माननी होंगी।”

अरविंद केजरीवाल (धर्मेन्दर)- “कुत्ते-कमीने मैं तेरा इस्तीफ़ा ले लूंगा।”

योगेन्द्र यादव (अमज़द ख़ान)- “अरे ओ केजरी! ई बैंगलोर वाले कौन चक्की काआटा खिलाते हैं रे। जब से लउटे हो ससुर गाली पर गाली दिये जात हो।”

मनीष सिसोदिया (नाना पाटेकर)- हा हा हा हा, हा हा हा हा। आ गए, आ गए हमारी बदनामी का तमाशा देखने। अब स्टिंग चला देंगे। असलियत ऐसी बाहर आयेगी, सच्चाई बाहर आएगी। थोड़ी देर स्टिंग चलता रहेगा। फिर मेरा भाई एंकर बुलेटिन बना लेगा। फिर सब चर्चा करके घर चले जाएँगे, खाना खाएंगे, सो जाएंगे। तुम्हारी ये योगेन्द्र यादवी, ये भूषणी एक दिन इस पार्टी की मौत का तमाशा इसी ख़ामोशी से देखेगी।

अन्ना हज़ारे (अमिताभ बच्चन)- आज ख़ुश तो बहुत होंगे तुम। देखो, जो आज तक किसी स्टिंग में नहीं दिखा, जिसने आज तक किसी को गाली नहीं दी, जिसने आज तक किसी सफ़ाई अभियान में हिस्सा नहीं लिया, वो आज जगह जगह सफ़ाई देता फिर रहा है।

जनता (प्राण) – साब! आज तक जनता से किसी ने इतना बड़ा धोखा नहीं किया। ये तुम नहीं तुम्हारी 67 सीटें, तुम्हारी कुर्सी बोल रही है। जिस दिन ये पॉवर ये कुर्सी नहीं होगी उस दिन तुम… (केजरी जी स्टिंग वाली भाषा में चिल्लाते हैं) …चिल्लाओ नहीं साहेब…… ख़ांसी उठ जायेगी।

नोट : पिक्चर अभी बाक़ी है मेरे दोस्त।

✍️ चिराग़ जैन

कबिरा पिटा हिसार में

बरवाला में आज हमला दिवस था। आश्रम पर हमला हुआ। बचाने आए भक्तों पर हमला हुआ। पकड़ने आए पुलिसवाले पिटे। देखने गए गांववाले पिटे। दिखाने गए मीडियावाले पिटे। घुटने टूटे, कैमरे टूटे और टीआरपी के रिकॉर्ड भी। अदालत नाराज़ है कि अदालत की तौहीन हुई। पुलिस नाराज़ है कि पुलिस की तौहीन हुई। मीडिया नाराज़है कि मीडिया की तौहीन हुई। भक्त नाराज़ हैं कि संत की तौहीन हुई।

पुलिस आई, पैरामिलिट्री आई, प्राइवेट मिलिट्री आई। सारा दिन बरवाला में बम, लाठी, गोली चली, चैनल्स पर लाइव टेलीकास्ट चला, शाम को सभी चैनल्स पर शब्दों का युद्ध हुआ।

किसी ने बताया कि बाबा कबीरपंथी है। ऐसा लगा कि दिन भर लोकतंत्र घायल होता रहा। दिन भर धर्म घायल होता रहा। लेकिन शाम को मीडिया की बहस में जब बाबा को कबीरपंथी बताया गया तो ऐसा लगा कि एक ही पल में कबीर लहूलुहान हो गए।आश्रम के भीतर से जितने पत्थर फेंके गए उनसे कबीर का अंग-अंग ज़ख़्मी हो गया।बरवाला की दिशा में कान लगाकर सुना तो लगा कोई कराह रहा है। उस कराह में एक टीस है, कोई बुदबुदाता जाता है-

कबिरा पिटा हिसार में, पूछ रहा है रोय
दो पार्टिन के बीच में, खींच लिया क्यों मोय

✍️ चिराग़ जैन

साईं बाबा

पहले शंकराचार्य जी ने बताया की साईं बाबा हिन्दू नहीं थे
फिर उलेमा साहब ने बताया कि साईं बाबा मुसलमान भी नहीं थे
……तो क्या समझा जाए? क्या साईं बाबा इन्सान थे!

✍️ चिराग़ जैन

error: Content is protected !!