ख़बरें दहशतगर्द कैसा मौसम आन पड़ा है सबकी शक्लें ज़र्द हुई हैं ख़ौफ़ज़दा हालात नहीं हैं ख़बरें दहशतगर्द हुई हैं ✍️ चिराग़ जैन