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आत्मबल का अवलम्बन

जो कुछ इस समय घट रहा है, उसकी भरपाई कभी न हो सकेगी। मृत्यु ने समूची मानवजाति को दहला दिया है। मानव बस्तियों में अजीब-सा अमंगल छा गया है। सब मन ही मन अपने-अपने अपनों की गिनती करके इस संख्या के यथावत बने रहने की दुआ मांग रहे हैं। सब ऊपर ही ऊपर यह जता रहे हैं कि हमें कुछ...

विनाशकाले

जिनकी जाँच नहीं हो पा रही उनको ख़ामोश कर देना। जिनको इलाज नहीं मिल पा रहा उनकी ज़ुबान सी देना। जो अस्पतालों के बाहर दम तोड़ रहे हैं उन पर पर्दा डाल लेना। जो श्मशान में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं उनसे नज़रें फेर लेना। …लेकिन एक क़िस्सा अपने आलीशान बैडरूम में...

जनता ख़ामोश है।

पूरे देश का मज़ाक़ बनाकर रख दिया है। बेशर्मी से झूठ बोलनेवाले राजनेता, एक साथ मिलकर सब कुछ बर्बाद कर रहे हैं और देश की जनता ख़ामोश होकर तमाशा देख रही है। प्रश्न समूची राजनीति की उस ढिठाई का है जो जनता के जीवन से खिलवाड़ करने में हिचकती नहीं है। प्रश्न जनता की उस मानसिकता...

चोर का साझेदार

चोर को चोरी करते देख भी जो शोर न मचा पाए, या तो वह अपनी चोरी छुपाने में व्यस्त है या फिर चोर का साझेदार है। ✍️ चिराग़...

एक ज़रा-सा झोंका

एक ज़रा-सा झोंका आया नैया ने खाये हिचकोले जिन लहरों पर तैर रही थी उन लहरों पर डगमग डोले बस इतने भर से इस पल में हम पूरे मुस्तैद हो गये अगला-पिछला सब बिसराकर वर्तमान में क़ैद हो गये बदले-वदले भूल चुके हैं, सपने-वपने याद न आए जैसे भी हो इन लहरों से नैया पार लगा ली जाए...

चरित्रहीन अभिनेता

एक प्रश्न देश के लगभग प्रत्येक मस्तिष्क को परेशान किये हुए है कि चुनावी रैलियों में कोरोना क्यों नहीं फैल रहा। और जैसा कि हमारे समाज का चलन हो गया है, इस प्रश्न में भी प्रश्न से पहले मोदी विरोधी या मोदी समर्थक की तलाश की जाने लगी है। जबकि हक़ीक़त यह है कि आमूल-चूल...
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