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इलेक्सन

क्या करना है कारोबार कल और इलेक्सन होंगे कल और इलेक्सन होंगे, घनघोर इलेक्सन होंगे हर ओर इलेक्शन होंगे, पुरजोर इलेक्शन होंगे सब कुछ मुफ्त मिलेगा यार कल और इलेक्सन होंगे एमपी वाले चावल देंगे, दिल्ली वाई-फाई पटना जाकर फोकट में ले लेंगे यार दवाई मेहनत के मुँह पर पोतेंगे,...

भोर से ठीक पहले

रेत, अंतिम बून्द भी यदि सोख ले अपनी नदी की साफ़ मतलब है पहाड़ों की बरफ़ अब गल चुकी है रात का अंधियार जब अपने चरम पर आ गया हो तब समझना, सूर्य की पहली किरण अब चल चुकी है त्यौरियों के बोझ से भौंहें भले दुखने लगी हों होंठ की बस एक हरक़त से हवा हो जाएंगी ये ये निराशा, ये...

जिस दिन साँस पराई होगी

देह बचेगी स्पर्श न होगा आँखें होंगीं दर्श न होगा सब अपनों के आने का भी मुझको किंचित हर्ष न होगा उस दिन अधरों पर भी कोई याद नहीं मुस्काई होगी जिस दिन साँस पराई होगी जिन होंठों की मुस्कानों से मुझको प्राण मिला करते हैं जिन चेहरों के खिल जाने पर मन के तार हिला करते हैं...

उलाहना

मैं अंधेरों के नगर में दीप धरने जा रहा हूँ तुम उजालों की प्रतीक्षा में समय व्यतीत करना मैं पसीने से नदी का पाट भरने जा रहा हूँ तुम किसी बरसात की मनुहार का संगीत गढ़ना कर्मरत अर्जुन हुआ तो कृष्ण उसके सारथी थे देवता जीवन बदल सकते नहीं केवल भजन से आ गई चलकर अकेली जो गहन...
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