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नए नग़मे सजा लेना

मैं जहाँ भी रहूँ मुझको ख़ुशी मिल जाएगी बस मेरे गीत गुनगुना के मुस्कुरा देना जब मेरे गीत इस जहान के काबिल न रहें नए नग़मे सजा लेना मुझे भुला देना ✍️ चिराग़...

भगवान महावीर

जो क़ामयाब हो जाए ज़रा, वो बदगुमान हो जाता है जो फूल गया सत्तामद में, मूरख समान हो जाता है जो लक्ष्मी के पीछे भागे, वो अर्थवान हो जाता है लक्ष्मी जिसके पीछे भागे वो वर्द्धमान हो जाता है ✍️ चिराग़...

हालात

अब तो अपने ही उसूलों से लड़ना पड़ता है सच को बाज़ार में नीलाम करना पड़ता है अब नहीं बहते हैं आँसू किसी जनाज़े पर हालतन मर्सिया हर रोज़ पढ़ना पड़ता है ✍️ चिराग़...

आस अभी बाक़ी है

हूक सीने के आस-पास अभी बाक़ी है उनके आने की कोई आस अभी बाक़ी है शामो-शब सहरो-सुबह देख चुका हूँ लेकिन और कुछ देखने की प्यास अभी बाक़ी है ✍️ चिराग़...

वतन के नाम

अगर दुश्मन करे आग़ाज़, हम अंजाम लिख देंगे लहू के रंग से इतिहास में संग्राम लिख देंगे हमारी ज़िंदगी पर तो वतन का नाम लिखा है अब अपनी मौत भी अपने वतन के नाम लिख देंगे ✍️ चिराग़...
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