+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

सरकार का जवाब

चौराहे पर खड़ा भिक्षुक दल हमारी गाड़ी के शीशे पर जी भर के ठुक-ठुक करता है। जब हम उसे भीख देने से इनकार करते हैं तो वह गाली बकने से लेकर, गाड़ी पर खरोंच मारने तक की प्रतिक्रिया देता है। दस-बीस मीटर दूर खड़ा ट्रैफिक पुलिस का जवान उसे कुछ नहीं कहता क्योंकि उसका काम गाड़ियों...

स्मॉग

चाह पूनम की थी तो अमा दे गए रौशनी से रहित चन्द्रमा दे गए फॉग बनकर जिन्होंने बुलाया निकट स्मॉग बनकर वही अस्थमा दे गए ✍️ चिराग़...

नोट बंद हो गये

जिनके इशारों पर नाचता था भ्रष्टतंत्र कैश के बिना सभी रिमोट बंद हो गये वोट फोर नोट की जो करते थे राजनीति उन मायाधारियों के वोट बंद हो गये डाकुओं का कैश से हुआ है ऐसा मोहभंग सरे-आम लूट व खसोट बंद हो गये पर्दे के पीछे काफ़ी कुछ अभी भी है बंद जनता को लगता है नोट बंद हो गये...

बचपन के किस्सों से पूछो

तुम खरगोशों के अनुयायी मैं हूँ कछुए का पथगामी बचपन के किस्सों से पूछो आख़िर में जय किसकी होगी जब सारस को आमंत्रित कर खीर परोसी थी थाली में लम्बी चोंच लिए बेचारा कैसे जल पीता प्याली में दृश्य मगर परिवर्तित होगा सारस का भी दिन आएगा शर्बत युक्त सुराही होगी धूर्त देख कर...

कन्या कुँवारी

कन्या एक कुँवारी थी छू लो तो चिंगारी थी वैसे तेज कटारी थी लेकिन मन की प्यारी थी सखियों से बतियाती थी शोहदों से घबराती थी मुझसे कुछ शर्माती थी बस से कॉलेज आती थी गोरी नर्म रुई थी वो मानो छुईमुई थी वो लड़की एक जादुई थी वो बिल्कुल ऊई-ऊई थी वो अंतर्मन डिस्क्लोज किया इक दिन...
error: Content is protected !!