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सागर प्यासे छूट गए हैं

कुछ तालाबों की चर्चा कर क़िस्से महफ़िल लूट गए हैं इस चर्चा में जाने कितने सागर प्यासे छूट गए हैं कौन बताए तूफ़ानों से कैसे जूझा बूढ़ा बरगद अंधा बनकर देख रहा था गिरते पेड़ जमूरा बरगद उस बूढ़े का द्वंद समूचे समरांगण से बहुत बड़ा था उसने भी तो अठारह दिन ख़ुद से भीषण युद्ध लड़ा...

वादा खि़लाफ़ी

सागर मुक़द्दमा कर रहा है नदी पर वादाखि़लाफ़ी का। कहता है मिलने का वादा करके पहुँची ही नहीं अब कोई प्रश्न नहीं है मुआफ़ी का। नदी बेचारी पर्वत की कृपणता और मरुथल की वासना के बीच बून्द-बून्द सिमटती रही घाट-घाट घटती रही। नदी के भीतर उग आई सभ्यताओं ने कठघरे में खड़ी नदी को...

काव्यपाठ के प्रारंभिक प्रमाण

चारों वेद काव्यरूप हैं और इनमें श्रुतियों का संकलन है अतः यह माना जा सकता है कि वेद का प्रत्येक ऋषि वाचिक परम्परा का कवि रहा होगा। तथापि इन श्रुतियों के पाठ का कोई प्रामाणिक संदर्भ ज्ञात नहीं है। महर्षि वाल्मीकि ने क्रौंचवध की घटना से आहत होकर श्लोक उच्चारा था –...

कवि सम्मेलनों का सफ़र

कवि सम्मेलनों का सफ़र सौ साल पूर्ण करने के पड़ाव पर है। अक्टूबर 1920 में श्री अयोध्या सिंह उपाध्याय जी की अध्यक्षता और श्री गयाप्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ जी के संयोजन में हिंदी के प्रकाण्ड विद्वान श्री जॉर्ज ग्रियर्सन जी के निवास पर कुल 27 कवियों का कवि सम्मेलन...

संजू

आरोप को अपराध मानकर किसी के प्रति राय क़ायम कर लेने की हमारी सामान्य प्रवृत्ति किसी के जीवन को किस हद्द तक चुनौतियों से बेन्ध सकती है -इसी तथ्य की प्रामाणिक कथा है संजू। मीडिया इसी प्रवृत्ति का लाभ उठाकर जनमानस की मानसिक लतों का पोषण करता हुआ अपना गुजर-बसर कर रहा है।...
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