+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

मरासिम

यार दहशत से समर्पन नहीं जीता जाता रूप मिल सकता है, यौवन नहीं जीता जाता क्या मरासिम की रवायत में कोई ख़ामी है तन लिवा लाते हैं पर मन नहीं जीता जाता एक झोंके की छुअन से ही बरस जाता है आंधियो! शोर से सावन नहीं जीता जाता सामने वाले के एहसास पे हारो ख़ुद को प्यार का खेल...

देशगीत

नाम रहेगा शेष हमारा सर्वोत्तम परिवेश हमारा दुनिया का हर रंग यहाँ है ऐसा अनुपम देश हमारा आज़ादी के नग़मे गाकर, देशप्रेम की अलख जगाकर स्वाभिमान हित जी लेते हैं, सिर्फ़ घास की रोटी खाकर पल भर में तलवार हमारी हो सकती है खूं की प्यासी पल भर में ही हो सकते हैं, शस्त्र त्यागकर...

इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर

पाक की सियासत क़माल की सियासत है सबकी बनाती है ये रेल, चले जाओगे फाँसी, गोली, क़ैद, सज़ा यही मिलता है बस निकलेगा आपका भी तेल चले जाओगे खेल-खिलवाड़ नहीं ज़िन्दगी का दांव है ये कस ली है नाक में नकेल चले जाओगे कुछ रोज़ महलों का रंग ढंग देख लो जी बाद में तो आप ख़ुद जेल चले जाओगे...

अटल विश्वास और अटूट विश्वास

हम भारतीय लोग प्रवृत्ति से विश्वासजीवी हैं। विश्वास दो प्रकार का होता है, एक अटल विश्वास और दूसरा अटूट विश्वास। भाषा के बहुत गहरे विश्लेषण के हाथों मजबूर न हों तो इन दोनों का अर्थ एक ही है किन्तु फिर भी विश्वास दो प्रकार का होता है ऐसा हमारा विश्वास है। जब हम किसी पर...

नीरज जी का प्रयाण उत्सव

हिंदी भवन में नीरज जी का प्रयाण उत्सव मृत्यु के महोत्सव की मिसाल बन गया। जीवन भर जिजीविषा के आधार पर उत्सव जीनेवाले महाकवि को विदा करने आए लोगों की आँखें नहीं, मन भीग गया। नीरज जी का खिलखिलाता हुआ चेहरा हिंदी भवन सभागार में सुसज्जित भव्य मंच को आलोकित कर रहा था।...

चंद्रग्रहण

कई रोज़ से देख रहा था कि बादल के आगोश से निकल कर और ख़ूबसूरत लगता था चाँद और बढ़ जाती थी उसकी चमक जैसे किसी ने फेशियल कर दिया हो प्यार का! लेकिन कल रात तमतमाया हुआ था चाँद का चेहरा शोले टपक रहे थे उसकी आँखों से क्योंकि कल रात जिस साये ने जकड़ लिया था चाँद को उसकी छुअन...
error: Content is protected !!