+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

कौन क़तरा है

ख़र्च ही भेजना रिश्ता नहीं साबित करता प्यार कितना है, ये पैसा नहीं साबित करता बस यही बात उसे सबसे बड़ा करती है वो किसी शख़्स को छोटा नहीं साबित करता ख़ुद ही दिख जाती है परबत की बुलन्दी सबको ख़ुद को आकाश भी ऊँचा नहीं साबित करता सच तो अपनी ही हक़ीक़त बयान करता है वो किसी और...

हथेली की छुअन

इस कलाई को हथेली की छुअन भी दे बहन हर दफ़ा डाक से राखी नहीं अच्छी लगती ✍️ चिराग़ जैन

हाल-ए-हक़ीक़त

गुलों को ख़्वाब चमन के दिखा के छोड़ दिया सवेरे हाल-ए-हक़ीक़त बता के छोड़ दिया शिकस्त मुझसे बढ़ा देती दुश्मनी उसकी उसे शिकस्त के नज़दीक ला के छोड़ दिया अब अपने सच की गवाही कहाँ-कहाँ दूँ मैं बस उनके झूठ से पर्दा हटा के छोड़ दिया ज़माना उसके तरन्नुम में क़ैद है अब तक जो गीत मैंने...

दिल्ली की व्यवस्था

वैसे दिल्ली दिलवाले मरीजों की राजधानी मानी जाती थी, लेकिन आजकल प्रदूषण ने इसे फेफड़ेवाले मरीजों की फैक्ट्री बना दिया है। स्मार्टफोन के कैमरे और यूट्यूब से कमाई की ख़बरों ने जिस कौम का सबसे ज़्यादा नुक़सान किया है वह है आशिक़। सफदरजंग मक़बरा, पुराना किला, लोदी गार्डन,...

हौसला सलामत है

जब तलक़ ज़मीं से ये राब्ता सलामत है फिर बहार लाने का हौसला सलामत है घर उजड़ गया उसका, उम्र कट गई सारी जिसके हक़ में मुंसिफ़ का फ़ैसला सलामत है इल्म भी नहीं होगा उड़ चुके परिंदों को एक ठूंठ पर उनका घोंसला सलामत है काट ली सज़ा जिसकी, हो चुका बरी जिससे आज भी मेरे दिल में वो ख़ता...

हारने का डर

फूल, ख़ुश्बू, रंग तो मौसम चुरा ले जाएगा कौन लेकिन बाग़बां का हौंसला ले जाएगा हो गए बर्बाद तो फिर जश्न होना चाहिए देखते हैं वक़्त हमसे और क्या ले जाएगा जीतने की चाह छोड़ी, अब निभाकर दुश्मनी हारने का डर मेरा दुश्मन लिवा ले जाएगा दस्तख़त बेटे की ज़िद पे कर के बूढ़े ने कहा-...
error: Content is protected !!