+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

हम हैं हिंदी कविता की बुनियाद में गड़ने वाले लोग
कहीं बहुत जमने वाले और कहीं उखड़ने वाले लोग
कवि-सम्मेलन पर मजमेबाज़ी का तमगा मत टाँको
मंचों पर भी मिल जाते हैं, लिखने-पढ़ने वाले लोग

✍️ चिराग़ जैन

error: Content is protected !!