+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

प्रीति रहेगी, प्यार रहेगा, जीवन का विस्तार रहेगा
हम सब कुछ दिन बाद न होंगे, लेकिन ये संसार रहेगा

सन्नाटे से शोर उगेगा, शोर पुनः सन्नाटा होगा
मंदी होगी, तेज़ी होगी, लाभ रहेगा, घाटा होगा
सारे सौदागर मर जाएँ, फिर भी ये बाज़ार रहेगा
हम सब कुछ दिन बाद न होंगे, लेकिन ये संसार रहेगा

स्वप्न यही होंगे नयनों में, लेकिन नयन बदल जाएंगे
अर्थ यही होंगे बातों के, लेकिन कथन बदल जाएंगे
आज हमारे मन में है जो, यह ही शेष विचार रहेगा
हम सब कुछ दिन बाद न होंगे, लेकिन ये संसार रहेगा

हम जलकण हैं लहरों में मिल, थोड़ा-बहुत बहल जाएंगे
सागर ऐसे ही गरजेगा, हम बादल में ढल जाएंगे
हर पल कुछ लहरें टूटेंगीं, पर सागर में ज्वार रहेगा
हम सब कुछ दिन बाद न होंगे, लेकिन ये संसार रहेगा

हर त्रेता में कलयुग होगा, हर कलयुग में त्रेता होगा
हर युग में इक श्रवण रहेगा, हर युग में नचिकेता होगा
उत्तर भी बहुतायत होंगे, प्रश्नों का अंबार रहेगा
हम सब कुछ दिन बाद न होंगे, लेकिन ये संसार रहेगा

✍️ चिराग़ जैन

error: Content is protected !!