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भगवान महावीर

जो क़ामयाब हो जाए ज़रा, वो बदगुमान हो जाता है जो फूल गया सत्तामद में, मूरख समान हो जाता है जो लक्ष्मी के पीछे भागे, वो अर्थवान हो जाता है लक्ष्मी जिसके पीछे भागे वो वर्द्धमान हो जाता है ✍️ चिराग़...

कुछ तो होगी बात

रावण के व्यक्तित्व में, कुछ तो होगी बात जिसे मारने जन्म लें, तीन लोक के नाथ ✍️ चिराग़ जैन

अहिंसा

बारूदों के ढेर पर दुनिया खड़ी है देखो ज़ख़्मों का एक ही इलाज है अहिंसा धाँय-धाँय, धड़-धड़, धूम-धूम की ध्वनि में वीणा के सुरों-सा एक साज है अहिंसा तोप-टैंक-बम-परमाणुओं की कुण्डली में साढ़ेसाती जैसी एक गाज है अहिंसा ऐरों-गैरों-नत्थूखैरों-कायरों का काम नहीं वीर-महावीरों की...

सरस्वती वंदना

हम सरिता सम बन जाएँ कविता-सरगम-ताल-राग के सागर में खो जाएँ सात सुरों के रंगमहल में साधक बनकर घूमंे नयनों से मलहार बहे माँ, दादर पर मन झूमे भोर भैरवी संग बिताएँ, सांझहु दीपक गाएँ हम सरिता सम बन जाएँ हे वीणा की धरिणी, हमको वीणामयी बना दो ज्ञानरूपिणी मेरे मन में ज्ञान की...

महावीर वंदना

महावीर स्वामी बनें तेरे अनुगामी; सारी दुनिया के प्र्राणी नाथ ऐसा वर दीजिए बंद हो समर बहे प्रेम-निर्झर; मिटे चेहरों से डर कुछ ऐसा कर दीजिए आसुरी प्र्रयास पर बाँसुरी विजयी बने अधरों पे मीठी मुस्कान धर दीजिए पाँच अणुव्रत, दश धर्मों की गूँज उठे भारत को फिर से महान कर...
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