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जैन

राष्ट्र के निमित्त बलिदान कैसे करते हैं भामाशाह वाली वो कहानी मत भूलना आस्था के बल से जो कर्मों से जीत गई महासती मैना जैसी रानी मत भूलना सत्य के लिए जिन्होंने प्राण तक त्याग दिए अकलंक जैसे महादानी मत भूलना राजुल ने जहाँ धोई मेहंदी सुहागवाली गिरनार का वो लाल पानी मत...

सरस्वती वन्दना

वरदान दे दे मुझे छंद-गीत-कविता का, वाग्देवी तेरा उपकार मांगता हूँ मैं रंग-ओ-तरंग तेरे संग से मिलेगा मुझे, जीवन में तेरे सुविचार मांगता हूँ मैं मृदु-सौम्य-भावपूर्ण वाणी बोलने के लिए वाणी तेरे सभ्य-संस्कार मांगता हूँ मैं वाणी का वरद् सुत बन के जिऊँ मैं यहाँ, हंसवाहिनी...

महावीर

क्षमा को भुलाओ नहीं मति भरमाओ नहीं घाव को कुरेदोगे तो ख़ून बह जाएगा जो हुआ सो भूल जाओ आज में सुधार लाओ निज को संवारे वही वीर कहलाएगा अम्बर को छोड़ के दिगम्बर को ओढ़ ले तो धन्य तेरी जननी का क्षीर कहलाएगा समता का भाव धरे काऊ से ना राग करे तब ही ‘चिराग’ महावीर कहलाएगा ✍️...
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