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चाचा-भतीजा और कवि-सम्मेलन

चाचाजी को भतीजों का दस्ता चहिये था नया अपना अरुण जैमिनी भी इंटरव्यू देने गया इंटरव्यू में पूछा गया सिर्फ एक सवाल अरुण ने बना दिया सवाल का बबाल सवाल था- “अरुण, यदि तुम लालकिला कवि सम्मेलन में बुलाए जाओगे, तो कौन सी कविता सुनाओगे?” अरुण बोला –...

मारो वरना मारे जाओगे

लड़ना हमारी पौराणिक परम्परा है। हम सृष्टि के आदि से लड़ते आ रहे हैं। रामायण में लड़े, महाभारत में लड़े, बंगाल में लड़े, पानीपत में लड़े, उत्तर-दक्खिन-पूरब-पश्चिम हर दिशा में हमने किसी न किसी कालखंड में लड़ने की संभावनाएँ तलाश ही लीं। समाज ने शांति के लिये संतों का निर्माण...

चुनावी माहौल में

कुछ पुरानी बहसें देख रहा था यूट्यूब पर। चुनावी माहौल में मुँह में तिनके दबाये कई भेड़िये रंगे सियारों के समर्थन से स्वयं को महान सिद्ध करते नज़र आये। “जनता”, “लोकतंत्र”, “ईमानदारी”, “राष्ट्रहित”, “जनसेवा” और...

हरसिंगार

तुमसे सिंचित कली हौले-हौले खिली चहकी …महकी इतराने लगी। हवाओं में बिखरने लगी उसकी ख़ुश्बू। …अरे! तुम रूठ क्यों गए हरसिंगार? काॅम्प्लेक्स में आ गए हो क्या? बर्दाश्त न हुई अपने जने की ख़ुश्बू? भार लगने लगा अपना ही अंश? तुम्हारी तो कीर्ति ही बढ़ाता था! वरना कौन...

आग्रह

आग्रह एक जंक्शन है यहाँ से संबंध बदल सकता है गाड़ी… घृणा के लिए भी घनिष्ठता के लिए भी विस्तार के लिए घुटन के लिए भी… हर जगह की गाड़ी है हुज़ूर आपको कहाँ का टिकट चाहिए? ✍️ चिराग़...
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