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इस राह चलकर देखते हैं

चलो, इस राह चलकर देखते हैं कहाँ बदले मुकद्दर, देखते हैं कहीं मुस्कान तो लब पर नहीं है मेरे आँसू छलककर देखते हैं हमें तो दिख रहा है कंठ नीला यहाँ सब सिर्फ शंकर देखते हैं हमारे हौसलों की थाह मत लो कहाँ तक है समंदर, देखते हैं अगर हँसता हुआ मिल जाऊँ उनको तो जिगरी यार जलकर...

हम उदासीन हैं

जब नोटबन्दी के पक्ष में भाजपा, जनता के बयान प्रस्तुत करने की कोशिश करती है, तब कांग्रेस, मनमोहन सिंह जी द्वारा जुटाए गए आँकड़े दिखाने लगती है और जब भाजपा ने एक विदेशी संस्था के आँकड़े दिखाकर देश की प्रगति की गवाही दी, तो कांग्रेस आम आदमी की व्यवहारिक समस्याओं का चित्र...

सरकार का जवाब

चौराहे पर खड़ा भिक्षुक दल हमारी गाड़ी के शीशे पर जी भर के ठुक-ठुक करता है। जब हम उसे भीख देने से इनकार करते हैं तो वह गाली बकने से लेकर, गाड़ी पर खरोंच मारने तक की प्रतिक्रिया देता है। दस-बीस मीटर दूर खड़ा ट्रैफिक पुलिस का जवान उसे कुछ नहीं कहता क्योंकि उसका काम गाड़ियों...

स्मॉग

चाह पूनम की थी तो अमा दे गए रौशनी से रहित चन्द्रमा दे गए फॉग बनकर जिन्होंने बुलाया निकट स्मॉग बनकर वही अस्थमा दे गए ✍️ चिराग़...

नोट बंद हो गये

जिनके इशारों पर नाचता था भ्रष्टतंत्र कैश के बिना सभी रिमोट बंद हो गये वोट फोर नोट की जो करते थे राजनीति उन मायाधारियों के वोट बंद हो गये डाकुओं का कैश से हुआ है ऐसा मोहभंग सरे-आम लूट व खसोट बंद हो गये पर्दे के पीछे काफ़ी कुछ अभी भी है बंद जनता को लगता है नोट बंद हो गये...
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