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इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर

पाक की सियासत क़माल की सियासत है सबकी बनाती है ये रेल, चले जाओगे फाँसी, गोली, क़ैद, सज़ा यही मिलता है बस निकलेगा आपका भी तेल चले जाओगे खेल-खिलवाड़ नहीं ज़िन्दगी का दांव है ये कस ली है नाक में नकेल चले जाओगे कुछ रोज़ महलों का रंग ढंग देख लो जी बाद में तो आप ख़ुद जेल चले जाओगे...

अटल विश्वास और अटूट विश्वास

हम भारतीय लोग प्रवृत्ति से विश्वासजीवी हैं। विश्वास दो प्रकार का होता है, एक अटल विश्वास और दूसरा अटूट विश्वास। भाषा के बहुत गहरे विश्लेषण के हाथों मजबूर न हों तो इन दोनों का अर्थ एक ही है किन्तु फिर भी विश्वास दो प्रकार का होता है ऐसा हमारा विश्वास है। जब हम किसी पर...

प्रश्न पूछना पाप है

साहब ने शतरंज की चाल चली। चार-पाँच चाल चलने के बाद, साहब हारने लगे। आँख बचाकर शतरंज की टेबल से उठकर, वे लूडो खेलने लगे। देश शतरंज को भूल गया और लूडो देखने लगा। थोड़ी देर बाद लूडो में भी साहब की सारी गोटियाँ पिट गईं। देश साहब की बुद्धिमत्ता पर लगाने के लिए प्रश्नचिन्ह...

अस्तित्व का मापदंड

फेसबुक को अपने अस्तित्व का मापदंड माननेवाले लोगों का रक्तचाप मापने के लिए प्रति पोस्ट लाइक को प्रति पोस्ट शेयर से गुणा किया जाना चाहिए। इस डिजिटल संचार माध्यम ने एक ऐसी भ्रामक सृष्टि की सर्जना कर दी है कि किसी की चार दिन की निष्क्रियता उसके डिजिटल परिवार को ‘चिंतित...

अलविदा 2017

दो हजार सत्रह भी बीता समय अनवरत दौड़ा जाय क्या क्या छूट गया है हमसे आओ देखें नजर घुमाय साल शुरू ही हुआ अभी था उत्सव का माहौल जवान छोड़ गए संगत सितार की अब्दुल हामिद जाफर खान अभी सिसकियों से बाहर भी नहीं आ सका था इक साज मौन हो गई ओमपुरी की दानेदार अलभ आवाज उधर राजनीति की...
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