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शायरी

शायरी इक शरारत भरी शाम है हर सुख़न इक छलकता हुआ जाम है जब ये प्याले ग़ज़ल के पिए तो लगा मयक़दा तो बिना बात बदनाम है ✍️ चिराग़...

दिल के अरमान हैं

लफ़्ज़ आँखों के किनारों पे ठहर जाते हैं अश्क़ होठों पे हँसी बन के बिखर जाते हैं ये ज़माना जिन्हें अशआर कहा करता है दिल के अरमान हैं काग़ज़ पे उतर जाते हैं ✍️ चिराग़...

गीत लिखते वक़्त

इक दफ़ा पलकों को अश्क़ों में भिगो लेते हैं हम और फिर अधरों पे इक मुस्कान बो लेते हैं हम गीत गाते वक्त रुंध ना जाए स्वर इसके लिए गीत लिखते वक्त ही जी भर के रो लेते हैं हम ✍️ चिराग़...

सितारों की तरह

हो गई है ज़िन्दगी अपनी सितारों की तरह देखते हैं लोग भी अब तो नज़ारों की तरह जो चले थे काम करने कामगारों की तरह वो उनींदे से खड़े हैं अब कतारों की तरह सब शिकारी की तरह घर से निकलते हैं मगर सब फँसे मिलते शिकंजे में शिकारों की तरह आपके हालात की बेइंतहा मज़बूरियाँ और मेरे...

दर्द की दास्तान

दर्द की दास्तान सुन लेना ख़ुद-ब-ख़ुद साहिबान सुन लेना होंठ मेरे न कुछ कहेंगे मगर आँसुओं का बयान सुन लेना ✍️ चिराग़...
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