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अभिव्यक्ति

तुम्हारी अनुपस्थिति में राह भटक जाती हैं अभिव्यक्तियाँ! अक्सर ऐसा होता है कि उपलब्धि मिलने पर होठों पर मुस्कान लिए मेरी निग़ाह तलाशती है इक चेहरा अपने आस-पास। और जब विफल होने लगती है तलाश तो झट से आँखों की कोरों पर आ ठहरती है अधरों की मुस्कान। और दु:ख की घड़ियों में...

नई कविता

अजीब सी पशोपेश में रहता हूँ आजकल तुम और कविता दोनों ही मांगती हैं वक़्त! मैं घण्टों बतियाता हूँ तुमसे और भीतर ही भीतर घुटती रहती है कविता। आज अचानक पूछ लिया तुमने- “क्या बात है बहुत दिनों से कोई नई कविता नहीं सुनाई?” मैंने कहा- “कल सुनाऊंगा। आज ही...

चुटकुला

मंच की आलोचना का बोझ भी ढोता रहा और उसका मंच पर उपयोग भी होता रहा हास्य कविता की शक़ल में चुटकुला जब भी ढला तालियाँ तो पिट गईं पर चुटकुला रोता रहा ✍️ चिराग़...

अच्छी कविता

अपनों से मिलने वाला दर्द जन्म देता है अच्छी कविता को। शायद इसी कारण मैं नहीं लिखना चाहता कोई अच्छी कविता तुम्हें ले कर। ✍️ चिराग़...

कर्ता का सम्मान

कर्ता का सम्मान कहां है ऐसा यहां विधान कहां है राम-कृष्ण हैं, हर मंदिर में तुलसी या रसखान कहां है ✍️ चिराग़...
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