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हल्ला : विकास का एक पर्याय

हल्ला। ये एक ऐसा भाव है जो मचता है। इसके मचने के लिए मुद्दा कतई ज़रूरी तत्व नहीं है। भारत जैसे राजनैतिक रूप से परिपक्व (जिसे कुछ संकुचित मानसिकता के लोग ढिठाई की संज्ञा देते हैं) देश में हल्ले की आड़ में मुद्दों को सुरक्षित रखा जाने की परंपरा होती है। हल्ला मचाना यूं तो...

पेरिस में आतंकी हमला

उत्सवों के मौसम में पेरिस की आबो-हवा आतंकी हमलों से विषैली हो गई। शुक्रवार की शाम वीकेंड की शुरुआत थी। सैंकड़ों बेगुनाह दहशतगर्दी के शिकार हुए। आख़िर कब पूरी दुनिया एकजुट होकर इन मुट्ठी भर जाहिलों को क़ाबू करेगी। हम कब अपनी जातियों, सम्प्रदायों. भूगोलों, देशों, भाषाओँ से...

मोदी… मोदी…

मोदी जी नेपाल गए। लोगों ने नारे लगाए -“मोदी …मोदी।” मोदी जी प्रसन्न हुए। मोदी जी अमरीका गए। लोगों ने नारे लगाए- “मोदी …मोदी।” मोदी जी आत्मविश्वासी हो गए। मोदी जी जापान गए। लोगों ने नारे लगाए- “मोदी ..मोदी।” मोदी जी बेबाक़...

विज्ञापन से पता चला

विज्ञापन से पता चला कि खली की अपनी बॉडी से उनका अपना घर टूट गया। उनको अपने अवार्ड वापस कर देने चाहिए थे। लेकिन उन्होंने अवॉर्ड वापस करने की बजाय अपनी मौसी से सलाह ली। अब वो अम्बुजा सीमेंट से घर बणवा के आराम से रह रहे हैं। मुझे समझ नहीं आता कि इन सब पुरस्कार विजेताओं...

मार्च फॉर इण्डिया

राहुल गांधी ने मम्मी से पूछा है- “मम्मी मम्मी! बीजेपी ‘मार्च फॉर इण्डिया’ कर रही है तो आप ‘अप्रैल फॉर इटली’ क्यों नहीं करती?” मम्मी माथा ठोकते हुए बोली- “मार्च-अप्रैल का तो पता नहीं पर तू एक दिन ‘श्राद्ध फॉर...
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