+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

दुर्घटना : एक अवसर

एक फिल्मी सितारे ने अपने घर में फाँसी लगा ली। ख़बर सुनकर देश सन्न रह गया, लेकिन एक विशेष वर्ग ने उसके फिल्मी क़िरदार को लेकर उसे अपने धर्म का विरोधी घोषित किया और उसकी मृत्यु पर शोक न करने के संदेश सोशल मीडिया पर लिखे। बाद में दो दलों के राजनैतिक हित टकराए और उस...

उलाहना

मैं अंधेरों के नगर में दीप धरने जा रहा हूँ तुम उजालों की प्रतीक्षा में समय व्यतीत करना मैं पसीने से नदी का पाट भरने जा रहा हूँ तुम किसी बरसात की मनुहार का संगीत गढ़ना कर्मरत अर्जुन हुआ तो कृष्ण उसके सारथी थे देवता जीवन बदल सकते नहीं केवल भजन से आ गई चलकर अकेली जो गहन...

लोकतंत्र का बकासुर

यह लोकतंत्र का सौंदर्य है कि जिस प्रदेश में चुनाव होते हैं, पूरे देश की चिंताएँ और चिंतन उसी प्रदेश पर केंद्रित हो जाते हैं। बाक़ी पूरे देश में सब कुछ अपने आप ठीक चल रहा होता है। हमारे संविधान निर्माताओं ने कितनी दूरदर्शिता के साथ यह व्यवस्था की होगी कि देश के तमाम...

हो रही है थकान पानी को

किसलिए है गुमान पानी को मारता है उफ़ान, पानी को कुछ नमी हो तो घर हुआ जाए ढूंढता है मकान पानी को चैन से बैठती नहीं लहरें हो रही है थकान पानी को रेत में दफ़्न हो गया क़तरा देने निकला था जान पानी को सबके अंदर का सच बयां होगा मिल गई गर ज़ुबान पानी को ✍️ चिराग़...

देश का भला

“भाई! देश का भला कब होगा?” “जब आपके वोट से हम चुनाव जीतेंगे।” “भैया जी! चुनाव में जीत मुबारक़ हो। अब देश का भला कीजिये!” “अभी तो जीते हैं यार। चुनावों में रात-दिन काम किया है। साँस तो ले लें।” “सर जी! आपको चुनाव...
error: Content is protected !!