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लालकिला कवि-सम्मेलन

प्यारे देशवासियो! आपको यह सूचित करते हुए ख़ुशी हो रही है कि हम पंजाबी, हम सिंधी, हम ये, हम वो सब कुछ हैं लेकिन सुरक्षा कारणों से हम हिंदी नहीं हो पा रहे हैं। यह बताते हुए मैं फूला नहीं समा रहा हूँ कि हिंदी कवि-सम्मेलन जगत् का शीर्ष कहा जाने वाला लालकिला कवि-सम्मेलन इस...

साहित्यिक गोष्ठियों के वक्ता

आज एक साहित्यिक कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं को सुनने का अवसर मिला तो पता चला कि आजकल मार्केट में अनेक प्रकार के वक्ता चल रहे हैं। कुछ परंपरागत वक्ता जो पुराने ढर्रे पर विषय का बाक़ायदा अध्ययन करके मंच पर आते हैं, वे आजकल मंच पर आ नहीं पाते हैं। इसके विपरीत वे लोग मंच की...

अलविदा 2015

दो हज़ार पन्द्रह में किसने कैसा-कैसा किया कमाल पाँच मिनिट में दिखलाता हूँ आओ तुमको पूरा साल शुरू हुआ जब साल तो बीजेपी के दिल पर था कुछ भार भूल नहीं पाए थे मोदी काश्मीर की आधी हार लेकिन तभी पढ़ा मोदी ने ऐसा इक अमरीकी मंत्र अतिथि बनकर आए ओबामा झूम उठा अपना गणतंत्र गली-गली...

सब कुछ सामान्य है

कल NDTV पर दिल्ली के मुख्यमंत्री जी का साक्षत्कार सुना। “आनंद आ गया” नही कह सकता क्योंकि भाजपाई नाराज़ हो जाएंगे; “सन्न रह गया” भी नहीं कह सकता क्योंकि आपिये नाराज़ हो जाएंगे। थोड़ी देर के लिये कांग्रेसी हो जाता हूँ और माथे पर त्यौरियाँ लिये मद्धम...

दूसरों के जूते में

जब मैंने कोशिश की दूसरों के जूते में पैर रखकर सोचने की तब मुझे एहसास हुआ कि जूते घिसना बेहतर है पैर छिलने से। ✍️ चिराग़...
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