+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

विपक्षी

ग़ायब से हो गए हैं, अख़बार से विपक्षी चुन-चुन के आ गए हैं, बेकार से विपक्षी बचने लगे हैं क्यूंकर तकरार से विपक्षी शायद मिले हुए हैं, सरकार से विपक्षी ✍️ चिराग़...

संसद की कार्रवाई

हँस-हँस के कर रहे हैं, आपस में वो लड़ाई हम जिनको सौंपते हैं ख़ुद अपनी रहनुमाई लगता है हो रही है, भारत की जगहँसाई टीवी पे चल रही है, संसद की कार्रवाई ✍️ चिराग़...

पानी ही पानी

दिल्ली में हर साल आती है बाढ़ हर साल सिर के ऊपर से गुज़रने लगता है पानी। और हर साल ढिठाई के साथ बयानबाज़ी करते हैं सरकारी गलियारे। …कमाल है जहाँ देखो पानी ही पानी है सिवाय सरकारी आँखों के। ✍️ चिराग़...

अन्ना आंदोलन

आज मैंने एक ग़ज़ब का नज़ारा देखा मैंने देखा एक होड़ सी लगी थी बारिश के जज़्बे से लोगों के जज़्बे की। झमाझम बरसात में दिल्ली की सड़कें उफ़न आईं थीं लोगों के हुज़ूम से। किसी को कोई डर ही नहीं था बीमार पड़ने का क्योकि वे सब आए थे देश की महामारी का इलाज़ करने। जहाँ तक निगाह जाती थी...

आज़ाद हो गए हैं

कुछ इस तरह के अपने हालात हो गए हैं सपने सभी सुहाने, बर्बाद हो गए हैं आब-ओ-हवा है ऐसी, दम सबका घुट रहा है कुछ लोग कह रहे हैं- ‘आज़ाद हो गए हैं’ ✍️ चिराग़...
error: Content is protected !!