+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

मैं लाचार हूँ

घटक दल बोलता है बस यही हर बार मैं लाचार हूं मेरी तो बात सुनती ही नहीं सरकार मैं लाचार हूं मेरी बीवी ने पाले हैं गली में यार, मैं लाचार हूं मेरी बीवी चलाती है मेरा परिवार मैं लाचार हूं ✍️ चिराग़...

बेमआनी

बहुत दिन से इंतज़ार था एक ख़ास यात्रा का मुश्क़िल से हाथ आया यात्रा का अवसर घर से निकला उत्साह से आपूरित कुछ ही दूर पहुँचा कि मोबाइल पर एस एम एस आया- “सुनो! जल्दी आना…” …और मुझे बेमआनी लगने लगी हर उपलब्धि। ✍️ चिराग़...

जीना मुहाल है

तुझको सबसे मलाल है, सच्ची यार तू भी कमाल है, सच्ची इश्क़ वालों का हाल मत पूछो बस कि जीना मुहाल है सच्ची उम्र भर मुंतज़िर रही नज़रें एक पल का सवाल है सच्ची जाने कब कैसा रूप धर लेगी ज़िन्दगानी छिनाल है सच्ची मुझसे ज़्यादा मुझे तबाह करे इतनी किसकी मज़ाल है सच्ची ✍️ चिराग़...

वंदना के गीत

जश्न में खोने से पहले दो घड़ी ख़ुद को जगा लें उत्सवों की देहरी पर देवताओं को मना लें मुस्कुराहट दिव्य हो जाएगी गर दो पल ठहर कर उल्लसित होने से पहले वंदना के गीत गा लें ✍️ चिराग़...

सरकारी स्कूलों के बच्चों में संस्कार

श्री श्री रविशंकर ने बयान दिया है कि ”सरकारी स्कूलों के बच्चों में संस्कार नहीं होते।“ सुनकर लगा कि श्री श्री को अपनी खी-खी करवाने का चाव चढ़ा है। उनको कोई समझाये कि सरकारी स्कूलों में तो बच्चे ही नहीं होते। उन टीन वाले कमरों में ‘बाप’ पढ़ते हैं। अमीरी की चम्मच मुँह में...
error: Content is protected !!