+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

मैं लाचार हूँ

घटक दल बोलता है बस यही हर बार मैं लाचार हूं
मेरी तो बात सुनती ही नहीं सरकार मैं लाचार हूं
मेरी बीवी ने पाले हैं गली में यार, मैं लाचार हूं
मेरी बीवी चलाती है मेरा परिवार मैं लाचार हूं

✍️ चिराग़ जैन

बेमआनी

बहुत दिन से इंतज़ार था
एक ख़ास यात्रा का
मुश्क़िल से हाथ आया
यात्रा का अवसर
घर से निकला
उत्साह से आपूरित
कुछ ही दूर पहुँचा
कि मोबाइल पर
एस एम एस आया-
“सुनो! जल्दी आना…”

…और मुझे बेमआनी लगने लगी
हर उपलब्धि।

✍️ चिराग़ जैन

जीना मुहाल है

तुझको सबसे मलाल है, सच्ची
यार तू भी कमाल है, सच्ची

इश्क़ वालों का हाल मत पूछो
बस कि जीना मुहाल है सच्ची

उम्र भर मुंतज़िर रही नज़रें
एक पल का सवाल है सच्ची

जाने कब कैसा रूप धर लेगी
ज़िन्दगानी छिनाल है सच्ची

मुझसे ज़्यादा मुझे तबाह करे
इतनी किसकी मज़ाल है सच्ची

✍️ चिराग़ जैन

वंदना के गीत

जश्न में खोने से पहले दो घड़ी ख़ुद को जगा लें
उत्सवों की देहरी पर देवताओं को मना लें
मुस्कुराहट दिव्य हो जाएगी गर दो पल ठहर कर
उल्लसित होने से पहले वंदना के गीत गा लें

✍️ चिराग़ जैन

error: Content is protected !!