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बदरा

जाने ये कैसा बदरा है बदरा के भीतर मदिरा है जब छलकी तो सब झूम उठे जैसे मृदंग से धूम उठे पीपल ने छेड़ी तान अलग बूंदों ने गाया गान अलग पुरवा ने ऐसा रास रचा बिजुरी ने जी भर नाच नचा पंछी कलरव करते डोले कच्चे स्वप्नों ने पर खोले बचपन बौराया तब भू पर हाथों से बूंदें छू-छू कर...

कमरतोड़ महँगाई

सुना है बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री की कमर में दर्द हुआ। पहली बार किसी वित्त मंत्री ने कमर तोड़ महँगाई को इतनी शिद्दत से महसूस किया है। ✍️ चिराग़...

मीडिया की आवाज़

लाउड स्पीकर ने धर्मगुरु से पूछा- मैं तो साईं भी नहीं हूँ फिर मुझ पर विवाद क्यों? धर्मगुरु बोले – क्योंकि तूने हमसे ऊंची आवाज़ में बात की। लाउड स्पीकर झुक कर बोला – लेकिन मैंने तो आपकी ही आवाज़ बुलंद की हुजूर। धर्मगुरु मुस्कुराए – ये समझ ले अब तू बेकार...

ठौर ना पाया

कौन कहता है नदी सागर को प्यारी हो गयी ठौर ना पाया मिठासों में तो खारी हो गयी टूटकर बिखरी कहीं जब भी, तभी झरना बना पत्थरों ने गोद में लेकर कहा- ‘मरना मना’ सिर झुकाकर बढ़ चली पर चाल भारी हो गयी ठौर ना पाया मिठासों में तो खारी हो गयी घाट तक पहुँची, उलझकर रह गयी संसार में...

साईं बाबा

पहले शंकराचार्य जी ने बताया की साईं बाबा हिन्दू नहीं थे फिर उलेमा साहब ने बताया कि साईं बाबा मुसलमान भी नहीं थे ……तो क्या समझा जाए? क्या साईं बाबा इन्सान थे! ✍️ चिराग़...
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