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मिलावट

ढाया है दरिंदों ने क्या कहर निवालों में बच्चों को परोसा है, कल ज़हर निवालों में क्या सोच के आया था, वो पहर निवालों में किस क़द्र ठगा सा है, इक शहर निवालों में ✍️ चिराग़...

बामियान के घाव

बहुत भयानक सपना था साक्षात् बुद्ध सामने थे …लहूलुहान। उनके पीछे एक भीड़ थी …पूरी भीड़। हताश से महावीर परास्त से गांधी और शर्मिंदा से पैग़म्बर किसी गहरे सदमे से सन्न राम किसी आशंका से त्रस्त कृष्ण और ख़ुद से नज़रें चुराते अम्बेडकर। सब थे …पर बदहवास। सबके...

धर्म-युद्ध

पुरखों ने उदाहरण प्रस्तुत किया कि युद्ध के माहौल में भी धर्म की चर्चा की जा सकती है, हमने उदाहरण प्रस्तुत किया कि धर्म की चर्चा में भी युद्ध किये जा सकते हैं। ✍️ चिराग़...

विकास की बाढ़

बहुत दिन बीते शहर ने डुबो दी थी एक नदी विकास की बाढ़ में। आज जमुना किनारे आया तो लगा कि उतर गई है विकास की बाढ़ फिर से बाहर निकल आई है आदमियों में डूबी …जमुना। ✍️ चिराग़...

एफबी युग

फेसबुक की सूर्यरेखा अहर्निश गहराती जा रही है। लोगों के जीवन में फेसबुक ने इतना महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है कि कुछ लोगों ने तो हर श्वास और हर उच्छ्वास की सूचना देना शुरू कर दिया है। बहुत जल्द ही ईश्वर भी मनुष्य के जीवन की अवधि मापने के लिए श्वास, वर्ष अथवा ऋतुओं जैसी...
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