मैं नहीं मिटाना चाहता
आधुनिकता के प्रभावों को
न ही चिंतित हूँ मैं
फैशन के बढ़ते चलन से।
मैं तो सिर्फ़
संजो लेना चाहता हूँ
अपना परिवार…
…मुझे तो चिंता है
‘माँ’ पर लिखी
कविताओं की!
✍️ चिराग़ जैन
मैं नहीं मिटाना चाहता
आधुनिकता के प्रभावों को
न ही चिंतित हूँ मैं
फैशन के बढ़ते चलन से।
मैं तो सिर्फ़
संजो लेना चाहता हूँ
अपना परिवार…
…मुझे तो चिंता है
‘माँ’ पर लिखी
कविताओं की!
✍️ चिराग़ जैन
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