एक अजीब से रिश्ते में
उलाहना देते हुए कहा तुमने-
“आज बारिश हो रही है
मैं भीग रही हूँ बरसात में
तुम मत आना
तुम्हें तो
डर लगता है ना भीगने से।”
मैंने कहा-
“नहीं, भीगने से नहीं
भीगने के बाद सूखने से।”
✍️ चिराग़ जैन
एक अजीब से रिश्ते में
उलाहना देते हुए कहा तुमने-
“आज बारिश हो रही है
मैं भीग रही हूँ बरसात में
तुम मत आना
तुम्हें तो
डर लगता है ना भीगने से।”
मैंने कहा-
“नहीं, भीगने से नहीं
भीगने के बाद सूखने से।”
✍️ चिराग़ जैन
संपर्क करें