भैये यो दलित दलित का होत है।
कछु नाय होत भाई। ई सब नेता-ऊता पहिले चुनाब-चुनाब की कुश्ती खेलत हैं, फिर हिन्दू-मुसलमान की कबड्डी। अऊर जब सबन से उकता जइहैं तब दलित-उलित का सलीमा लगा लई हैं।
✍️ चिराग़ जैन
भैये यो दलित दलित का होत है।
कछु नाय होत भाई। ई सब नेता-ऊता पहिले चुनाब-चुनाब की कुश्ती खेलत हैं, फिर हिन्दू-मुसलमान की कबड्डी। अऊर जब सबन से उकता जइहैं तब दलित-उलित का सलीमा लगा लई हैं।
✍️ चिराग़ जैन
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