आदमी की ज़िंदगी ईवेंट मैनेजमेंट है
मौत उसकी ज़िन्दगी का आख़िरी ईवेंट है
साँस रहने तक जियोगे, ये तो अग्रीमेंट है
किस तरह जीना है अब ये आपका टैलेंट है
✍️ चिराग़ जैन
आदमी की ज़िंदगी ईवेंट मैनेजमेंट है
मौत उसकी ज़िन्दगी का आख़िरी ईवेंट है
साँस रहने तक जियोगे, ये तो अग्रीमेंट है
किस तरह जीना है अब ये आपका टैलेंट है
✍️ चिराग़ जैन
संपर्क करें