पूरे गुलशन की फ़िज़ाओं में ख़ुशी छाई है
हर दिशा नूर न जाने कहां से लाई है
शाख से फूल सजे हैं, कि फूल से शाखें
कुल मिलाकर ये हुआ है कि बहार आई है
✍️ चिराग़ जैन
पूरे गुलशन की फ़िज़ाओं में ख़ुशी छाई है
हर दिशा नूर न जाने कहां से लाई है
शाख से फूल सजे हैं, कि फूल से शाखें
कुल मिलाकर ये हुआ है कि बहार आई है
✍️ चिराग़ जैन
संपर्क करें