+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

प्रतिशोध

ओ धोबी सच बताना क्या तुम्हारे पुरखे भी गए थे राम के पीछे-पीछे विह्वल होकर वनवास की हठ लिए या फिर तुम ही चले आए थे राम के पीछे-पीछे लंका से प्रतिशोध लेने © चिराग़...

प्रेम-कथा के अंत में

प्रेम-कथा के अंत में दो में से एक ही चीज़ प्रेमी के पास जीवन भर को रह जाती है- प्रेमिका या प्रेम। ✍️ चिराग़...

हर त्योहार हर रोज़

आज एक टीवी चैनल पर समाचार प्रस्तोता टाइम पास करने के लिए बोल रहा था कि ये दुर्भाग्य की बात है कि हम लोग साल में कुछ ही दिन देशभक्ति के गीत गाते हैं। हम साल में एक ही दिन शहीदों को याद करते हैं। मुझे उसकी बात सुनकर लगा कि सचमुच करते तो हम ग़लत ही हैं। यह परंपरा बंद होनी...

सपना

बेहद आलीशान मकान का सपना पाला है तो पहले संस्कारों की झाड़ियाँ उखाड़ दो और वो जो ज़मीर है ना उसे मकान की नींव में गाड़ दो। इससे नींव को मज़बूती तो मिलेगी ही जी भी कड़ा हो जाएगा और पत्थर जैसे कलेजे की सपोर्ट से सपनों का महल खड़ा हो जाएगा। ✍️ चिराग़...

लड़ाई की संभावनाएं

सुर-असुर; शैव-वैष्णव; कौरव-पाण्डव; आर्य-द्रविड़, बौद्ध-वैष्णव, जैन-बौद्ध, हिन्दू-मुस्लिम, भारतीय-अंग्रेज, ऊँच-नीच और अमीर-ग़रीब का परस्पर संघर्ष तो समझ लिया हमने! लेकिन रजवाड़े आपस में क्यों लड़े, मराठा-पेशवाओं में आपसी संघर्ष क्यों था, मुग़ल आपस में क्यों एक न हुए, मौर्यो...
error: Content is protected !!