+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

बाज़ार की अफ़वाह और अफ़वाह का बाज़ार

दीवाली, दशहरा, रक्षाबंधन ये सब हमारे लिए त्यौहार हैं लेकिन कुछ लोगों के लिए सिर्फ व्यापार हैं हर साल की तरह इस साल भी दीवाली आई, इस साल भी हुआ लक्ष्मी जी का पूजन आतिशबाज़ी और घरों की सफ़ाई, लेकिन इस साल हमने मिठाई नहीं खाई। बचपन में इतनी मिठाई आती थी इतनी मिठाई आती थी...

ठहाकों का दौर

ग़मों का दौर है आफत में जान है लेकिन कुछ ऐसी बात चले रंग और हो जाए फिर एक बार फुर्सतों पे नूर आया है चलो कि फिर से ठहाकों का दौर हो जाए ✍️ चिराग़...

जलोकड़ा

मौसम के मूड को तपा डालता है सूरज आग की तरहं ठण्डी हवा को बना डालता है लू। हरे पत्ते हो जाते हैं ज़र्द देख ही नहीं पाता किसी का सुख जलोकड़ा कहीं का! ✍️ चिराग़...

मीडिया

खाली बैठे पक गए हैं यार, कुछ लफड़ा करो ज़िन्दगी लगने लगी बेकार, कुछ लफड़ा करो इस कदर सूखा पड़ा है, देश भर के क्राइम में भजन टेलीकास्ट होंगे, अब क्या प्राइम टाइम में क्या रिपोर्टर सीख लें, ठुमरी, ग़ज़ल, कव्वालियाँ एंकरों का नूर सारा पी गईं खुशहालियाँ ओ बड़े लोगों के बरखुरदार,...

नास्तिक

कितनी आसानी से समझा जा सकता है नास्तिक और आस्तिक की पहचान को। आस्तिक मानता है कि भगवान ने इंसान को बनाया है और नास्तिक मानता है कि इंसान ने भगवान को। ✍️ चिराग़...
error: Content is protected !!