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जग में कुछ लोग कमाए

काऊ ने भोग लिए मन के सुख, काऊ ने देह के रोग कमाए दौलत में सुख खोजने वालों ने केवल भौतिक भोग कमाए काऊ ने प्रेम में जीते नारायण, काऊ ने मात्र वियोग कमाए जीवन सिर्फ़ उन्होंने जिया, जिनने जग में कुछ लोग कमाए ✍️ चिराग़...

दूसरा प्यार

फिर से मन में अंकुर फूटे, फिर से आँखों में ख़्वाब पले फिर से कुछ अंतस् में पिघला, फिर से श्वासों से स्वर निकले फिर से मैंने सबसे छुपकर, इक मन्नत मांगी ईश्वर से फिर से इक सादा-सा चेहरा, कुछ ख़ास लगा दुनिया भर से फिर इक लड़की की रुचियों से, जीवन के सब प्रतिमान बने फिर इक...

संकल्प

मैं ये दावा नहीं करता कि दुनिया को बदल दूंगा मगर जो रास्ता सच का हो, उस रस्ते पे चल दूंगा मेरा अधिकार है चिंतन पे, संकल्पों पे, कर्मों पे मैं ये संकल्प लेता हूँ कि सत्कर्मों पे बल दूंगा © चिराग़...

प्रेम के रंग से निखारो

जैसा चाहो जवाब दो इसको दुनिया ऐसा सवाल है यारो प्रेम के रंग से निखारो तो ज़िन्दगी बेमिसाल है यारो ✍️ चिराग़...

इश्क़

उम्र के इक पड़ाव पर जाकर इश्क़ सबको दुलारता होगा कभी चेहरा निहारता होगा कभी गेसू संवारता होगा ✍️ चिराग़...
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