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हिंदुस्तान बोलेगा

अगर इंसान बनकर आए तो इंसान बोलेगा ज़ुबां मिसरी सरीखी मीर का दीवान बोलेगा अगर हैवानियत लेकर इधर आए तो फिर सुन लो शिवाजी की ज़ुबां में सारा हिंदुस्तान बोलेगा ✍️ चिराग़...

दिल्ली

रोज़ उजड़े, रोज़ सँवरे, इस शहर का दिल अलग है मत मिसालें दो हमारी, अपना मुस्तकबिल अलग है कुछ अलग है नूर दिल्ली का दिल बहुत मशहूर दिल्ली का खण्डहरों के साथ कितने युग खड़े हैं मुँह उठाए ख़ून में भीगी रही है साज़िशों के ज़ख़्म खाए पर इन्हीं सब साज़िशों ने रच दिया इतिहास जग में...

संविधान

धागेनातीनकगधिंन ताल चलती है, पर सुर सारेगामापाधानीसा में समाय के नूपुर छनन छन, घनन घनन घण्ट; मृदंग बजत द्रुम द्रुम द्रुम गाय के पंचम-निषाद तीव्र-कोमल से रंगे राग, दुगुन-तिगुन ताल भेद समझाय के विलग विलग स्वर गान बनते हैं, जब सब एकरूप होते सम पर आय के कभी सब त्याग...

देश को महान कौन करता

यदि इतिहास वाले लोग हम जैसे होते बोलो दुविधाओं का निदान कौन करता झाँसी वाली रानी कर लेती समझौता गर राष्ट्र के निमित्त बलिदान कौन करता भगत भी चाटुकारों वाली भाषा सीख लेते भारतीयता पे अभिमान कौन करता नेताजी सुभाष औ पटेल होते स्वार्थी तो फिर मेरे देश को महान कौन करता ✍️...

वो कश्मीर हमारा है

हिमगिरि की गोदी में पसरा जो इक हरा बगीचा है जिसकी झीलों को पुरखों ने स्वेदकणों से सींचा है जिसके कण-कण में भारत की सौंधी ख़ुश्बू बिखरी है जिसके प्रांगण में हरियाली दिव्य रूप में बिखरी है जहाँ धरा पर स्वर्ग सरीख़ा अद्भुत भव्य नज़ारा है दुनिया माने या ना माने वो कश्मीर...
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