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हमने देखे हैं कई साथ निभानेवाले

हमने देखे हैं कई साथ निभानेवाले बरगला लेंगे तुझे भी ये ज़मानेवाले बारिशों में ये नदी कैसा कहर ढाती है ये बताएंगे तुझे इसके मुहानेवाले धूप जिस पल मिरे आंगन में उतर आएगी और जल जाएंगे दीवार उठानेवाले मौत ने ईसा को शोहरत की बुलंदी बख्शी ख़ाक़ में मिल गए सूली पे चढ़ानेवाले...

आस अभी बाक़ी है

हूक सीने के आस-पास अभी बाक़ी है उनके आने की कोई आस अभी बाक़ी है शामो-शब सहरो-सुबह देख चुका हूँ लेकिन और कुछ देखने की प्यास अभी बाक़ी है ✍️ चिराग़...

वतन के नाम

अगर दुश्मन करे आग़ाज़, हम अंजाम लिख देंगे लहू के रंग से इतिहास में संग्राम लिख देंगे हमारी ज़िंदगी पर तो वतन का नाम लिखा है अब अपनी मौत भी अपने वतन के नाम लिख देंगे ✍️ चिराग़...

यादों के ताजमहल में

मैंने मुस्कानें भोगी हैं अब मैं ग़म भी सह लूँगा स्मृतियाँ दिल में उफनीं तो आँसू बनकर बह लूँगा तुम सपनों की बुनियादों पर रँगमहल चिनवा लेना मैं यादों के ताजमहल में शासक बनकर रह लूँगा ✍️ चिराग़...

वो भी दीपक ही है

ये अंधेरा दिए से डरता है या फ़क़त एहतराम करता है वो भी दीपक ही है जो सारा दिन रात होने की दुआ करता है ✍️ चिराग़...
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