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आत्मबल का अवलम्बन

जो कुछ इस समय घट रहा है, उसकी भरपाई कभी न हो सकेगी। मृत्यु ने समूची मानवजाति को दहला दिया है। मानव बस्तियों में अजीब-सा अमंगल छा गया है। सब मन ही मन अपने-अपने अपनों की गिनती करके इस संख्या के यथावत बने रहने की दुआ मांग रहे हैं। सब ऊपर ही ऊपर यह जता रहे हैं कि हमें कुछ...

चोर का साझेदार

चोर को चोरी करते देख भी जो शोर न मचा पाए, या तो वह अपनी चोरी छुपाने में व्यस्त है या फिर चोर का साझेदार है। ✍️ चिराग़...

एक ज़रा-सा झोंका

एक ज़रा-सा झोंका आया नैया ने खाये हिचकोले जिन लहरों पर तैर रही थी उन लहरों पर डगमग डोले बस इतने भर से इस पल में हम पूरे मुस्तैद हो गये अगला-पिछला सब बिसराकर वर्तमान में क़ैद हो गये बदले-वदले भूल चुके हैं, सपने-वपने याद न आए जैसे भी हो इन लहरों से नैया पार लगा ली जाए...

होली

बेतरतीबी से लगाया जाये तो गुलाबी रंग से भी आदमी पागल हो जाता है और सलीके से लगाया जाये तो काला रंग भी काजल हो जाता है। ✍️ चिराग़...

पहचान

जो लोग पहचान से काम पाना चाहते हैं, उन्हें काम से पहचान नहीं मिलती। ✍️ चिराग़ जैन
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